शेखपुरा । आखिर नीति आयोग के सलाहकार शेखपुरा क्यों आये। यह सवाल आम लोगों में उठाना स्वाभाविक है। इस मामले में बताना जरूरी है कि पिछले साल केंद्र सरकार ने देशभर के 115 जिलों को चिहित करके उसे विकास की मुख्य धारा में लाने की योजना शुरू की थी। इस 115 जिलों में शेखपुरा को भी शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम को सरकार ने आकांक्षी जिला नाम दिया है। इसके लिए केंद्र ने हर जिला के लिए अपना एक विशेष अधिकारी भी प्रतिनियुक्त किया है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि को शामिल किया गया है। शेखपुरा जिला में नीति आयोग ने कार्यक्रमों को चलाने और उसकी मानीटरिग का काम पिरामल फाउंडेशन को दिया है।

------------ ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल की स्थिति सबसे चौपट जिला की हकीकत जानने दिल्ली से आये नीति आयोग के सलाहकार से ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल की चौपट स्थिति की शिकायत की। इस बाबत टीम में शामिल के अधिकारी ने बताया कि नीति आयोग के सलाहकार ने बुधवार को कंहौली तथा तेउस में ग्रामीणों से बातचीत की। टीम में शामिल उक्त अधिकारी ने बताया कि दोनों गांव में ग्रामीणों ने नीति आयोग के सलाहकार को सरकारी स्कूल की दुर्दशा के बारे में शिकायत की। ग्रामीण ने बताया की स्कूल में न तो ठीक से पढ़ाई होती है और न ही बच्चों को सरकारी योजना का लाभ दिया जाता है। ग्रामीण की शिकायत सुनकर नीति आयोग के सलाहकार भी भौंचक हो गये। बताया जा रहा है कि नीति आयोग की देख रेख में सभी क्षेत्रों में विकास होना है पर निरीक्षण में जमीन पर काम दिखाई नहीं दे रहे।

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