यात्रीगण ध्यान दें! हंगामे के बाद रेलवे का फैसला, अब 12 कोच के साथ दौड़ेगी बरबीघा-पटना मेमू
यात्रियों की भारी भीड़ और बोगियों की कमी के विरोध के बाद रेलवे ने बरबीघा-पटना मेमू ट्रेन में 4 अतिरिक्त ...और पढ़ें

टिकट बिक्री और यात्रियों की संख्या का रेलवे ने जुटाया आंकड़ा
HighLights
यात्रियों के हंगामे के बाद रेलवे ने मेमू कोच बढ़ाए।
बरबीघा-पटना मेमू ट्रेन अब 12 बोगियों के साथ चलेगी।
स्थानीय लोगों ने पटना के लिए अतिरिक्त ट्रेन की मांग की।
संवादसूत्र, बरबीघा(शेखपुरा)। सोमवार को यात्रियों की भारी भीड़ और ट्रेन में पर्याप्त बोगियां नहीं होने के विरोध में हुए हंगामे के बाद रेलवे ने मामले पर संज्ञान लिया। ट्रेन रोके जाने की घटना और अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद दानापुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग ने भी यात्रियों की समस्या पर जानकारी जुटानी शुरू की।
टिकट बिक्री और यात्रियों की संख्या का रेलवे ने जुटाया आंकड़ा
सूत्रों के अनुसार, विभाग ने बरबीघा स्टेशन से होने वाली टिकट बिक्री और यात्रियों से संबंधित आमदनी की जानकारी जुटाई है।
यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और उनकी परेशानी को देखते हुए रेलवे ने बरबीघा से पटना की ओर जाने वाली मेमू ट्रेन में बोगियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया।
आठ बोगियों वाली मेमू अब इंजन समेत 12 बोगियों के साथ फिर से संचालित की जा रही है। मंगलवार को भी 12 बोगियों वाली मेमू ट्रेन अपने निर्धारित समय पर स्टेशन से पटना के लिए रवाना हुई।
चार कोच बढ़े तो यात्रियों को मिली तत्काल राहत
बोगियों की संख्या बढ़ाए जाने से ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को तत्काल कुछ राहत मिली है। भीड़ के बीच अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रियों को पहले की तुलना में कुछ अधिक जगह मिल सकेगी।
हालांकि यात्रियों की संख्या के अनुपात में ट्रेन की क्षमता अब भी कम पड़ रही है। रोजाना बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल कोच बढ़ाना पर्याप्त समाधान नहीं है।
अब एक अतिरिक्त ट्रेन की मांग ने पकड़ा जोर
मेमू में अतिरिक्त बोगियां जुड़ने के बाद भी यात्रियों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसे में स्थानीय लोगों की ओर से पटना के लिए एक अतिरिक्त ट्रेन चलाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता वरुण सिंह ने यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए पटना के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि केवल बोगियों की संख्या बढ़ाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
दुर्गापूजा तक ट्रेन नहीं चली तो आंदोलन की चेतावनी
वरुण सिंह ने कहा कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस रेलखंड पर एक अतिरिक्त ट्रेन का परिचालन जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि दुर्गापूजा तक यदि अतिरिक्त ट्रेन शुरू नहीं की गई, तो स्थानीय लोगों के सहयोग से रेल चलाओ संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा।
इसके बाद व्यापक आंदोलन के जरिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने की मांग उठाई जाएगी। फिलहाल 12 कोच की मेमू के परिचालन से यात्रियों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन अतिरिक्त ट्रेन की मांग अब रेलवे के सामने अगली बड़ी चुनौती बनती दिख रही है।
