नहीं निकला समाधान...भज रहे राम नाम, शिवहर में जलजमाव और जर्जर सड़क पर अनोखा प्रदर्शन
Unique Protest Sheohar: शिवहर के कहतरवा गांव में जर्जर सड़क और जलजमाव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने गांधीगीरी का ...और पढ़ें
HighLights
कहतरवा गांव में जर्जर सड़क व जलजमाव से ग्रामीण परेशान।
आधी रात कीचड़ में बैठकर भजन गाकर अनोखा विरोध।
2.39 करोड़ की सड़क योजना 2020 से लंबित।
नीरज, शिवहर। Kahtarwa Village Sheohar: विरोध, मांग व प्रदर्शन की बात आते ही तोड़-फोड़, सड़क जाम आदि जैसे दृश्य उभर आते हैं। पुलिस-प्रशासन से लड़ते-भिड़ते प्रदर्शनकारी, गाड़ियों को उलटते-पुलटते और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते...लेकिन इन्हें देखिए।
शिवहर में गांधीगीरी
ये शिवहर के युवा हैं, जिनकी बातें नहीं सुनी गईं और मांगों को पूरा नहीं किया गया तो गांधीगीरी का मार्ग अपनाया। ये न सिर्फ उस राह पर चले बल्कि बापू के भजन गाकर शासन-प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित किया।
आधी रात सड़क और कीचड़ में बैठ 'रघुपति राघव राजा राम' का गायन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन यह दर्शाता है कि अपनी बात को ऐसे भी कहा जा सकता।

जर्जर सड़क और जलजमाव
अब जरा हालात देखिए...शिवहर जिले का कहतरवा गांव। यहां के निवासियों के लिए जर्जर सड़क और जलजमाव की समस्या दुस्वप्न जैसा है। इसे ठीक करने के लिए शासन-प्रशासन तक को पत्र लिखा और मिले भी, लेकिन सुनी किसी ने नहीं।
अंतत: अनोखा विरोध प्रदर्शन का तरीका निकाला। रात में गांव के लोगों ने सड़क पर कीचड़ में बैठकर भजन गाना शुरू कर दिया। रघुपति राघव राजा राम, सबको सन्मति दे भगवान...!
आधी रात सड़क पर बैठे
नीतीश, मनीष, विशाल, रामयश, बलराम, विपिन, रानू आर्या जैसे कितने ही युवा सड़क पर आए, लेकिन आधी रात ताकि दिन की ट्रैफिक प्रभावित न हो।
इनका कहना है कि यह सड़क लंबे समय से जर्जर है और जलजमाव के कारण रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ये समस्या केवल स्थानीय नहीं है, बाहर से आने-जाने वाले हजारों लोग प्रभावित हैं, लेकिन प्रशासन ने कदम नहीं उठाया।
अब क्या करते, नहीं हुआ समाधान, भज रहे राम नाम..., क्योंकि अब इस सड़क और जलजमाव का उन्मूलन भगवान भरोसे ही है। यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इस राह पर आगे बढ़ते जाएंगे। यहीं हवन-कीर्तन करेंगे।
2.39 करोड़ की योजना
शिवहर को लालगढ़, कौड़िया, कहतरवा होते हुए डुमरी कटसरी को जोड़ने वाली 7.6 किमी लंबी सड़क के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2020-2021 में दी गई थी।
ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा 2.39 करोड़ की लागत से निर्माण कराया जाना था। कोरोना संक्रमण काल के दौरान मिली स्वीकृति के बाद सड़क बनी या नहीं? यह अब भी सवाल है।सियावर पासवान बताते हैं कि वर्षों से सड़क में गड्ढे हैं। बारिश के बाद जलजमाव व कीचड़ के चलते यह सड़क हादसों की सड़क बन जाती है।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
सामरिक दृष्टिकोण से यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है। यह डुमरी कटसरी से पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाली वैकल्पिक सड़क है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन पांच हजार की आबादी और करीब छह हजार वाहन सफर करते हैं। विक्रम कुमार का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि रोजाना बाइक, साइकिल, आटो, टोटो, एंबुलेंस, कार, पिकअप व छोटे ट्रक फंसते हैं।
पिछले कई वर्षों से ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए गुहार लगाकर थक चुके हैं। ऐसे में अब धरना-प्रदर्शन और हंगामे के बदले ग्रामीणों ने राम नाम के सहारे आंदोलन की शुरुआत की है।
समाजसेवी राधाकांत गुप्ता उफ बच्चू जी बताते हैं कि कहतरबा के लोगों की सड़क की समस्या बेहद गंभीर है। वर्षों से लोग परेशान हैं। यहां सड़क का निर्माण ही नहीं नाली का निर्माण भी जरूरी है।
