शिवहर। बागमती नदी के जलस्तर में हल्की गिरावट के बावजूद जिले में शुक्रवार को भी बाढ़ का संकट बरकरार है। जलस्तर में कमी के बाद अब कई स्थानों पर तटबंध में कटाव तेज हो गया है। बेलवा घाट में निर्माणाधीन सुरक्षा तटबंध में रिसाव पर काबू पा लिया गया है। लेकिन, पानी के तेज बहाव के कारण यहां खतरा अब भी बरकरार है। मजदूरों की टीम तटबंध की मरम्मत में लगी हुई है। कार्यपालक अभियंता शशि कुमार चौधरी के नेतृत्व में जल संसाधन विभाग की टीम विभिन्न इलाकों में कैंप कर रही है। एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीम भी अलर्ट मोड में है। इधर, बाढ़ का पानी शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड के बेलवा, नरकटिया, इनरवा, माधोपुर, पुरनहिया प्रखंड के अदौरी, बराही जगदीश, पिपराही पुर्नवास और दोस्तियां, तरियानी प्रखंड के तरियानी छपरा, विशंभरपुर, कुंडल, मोहारी और चक सुरगाही सहित कई गांवों के निचले और नए इलाकों में तेजी में फैल रहा है। शिवहर-चंपारण स्टेट हाईवे के बेलवा-नरकटिया में कई स्थानों पर सड़क पर बाढ़ के पानी का बहाव जारी रहने के कारण शुक्रवार को 12 वें दिन भी वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा। जबकि, बेलसंड और तरियानी के बीच भी सड़क संपर्क भंग हो गया है। इधर, बागमती नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बागमती नदी लाल निशान से 1.08 मीटर नीचे बह रही है। डुब्बाघाट स्थित रेनगेज पर शुक्रवार की सुबह बागमती नदी का जलस्तर 60.55 मीटर दर्ज किया गया था, वहीं शाम को जलस्तर 60.20 मीटर दर्ज किया गया है। बेलवा डैम सुरक्षा तटबंध में रिसाव से दहशत:::

शिवहर : बागमती नदी में उफान के चलते बेलवा में निर्माणाधीन सुरक्षा तटबंध में गुरुवार को आए रिसाव के बाद बेलवा-नरकटिया के ग्रामीणों में दहशत है। सुरक्षा तटबंध में आए रिसाव पर काबू पा लिया गया है। लेकिन, बेलवा-नरकटिया गांव के लोगों की चिता बढ़ गई है। पिछले साल भी रिसाव आया था। रिसाव दुरुस्त करने के दस दिन बाद ही सुरक्षा तटबंध टूट गया था। पिछले साल यह सुरक्षा तटबंध तीन बार टूटा था। वर्ष 2021 में भी सुरक्षा तटबंध दो बार टूटा था। बेलवा डैम के सुरक्षा तटबंध के टूटने के बाद न केवल बेलवा-नरकटिया बल्कि जिले की 28 पंचायतों को बाढ़ की तबाही झेलनी पड़ी थी। इधर, लोगों का कहना हैं कि, इस बार बेलवा-नरकटिया गांव पूरी तरह तबाह हो जाएगा।

तरियानी का बेलसंड से सड़क संपर्क भंग, सब्जी की फसल बर्बाद::::

तरियानी, संस : बागमती नदी का पानी शुक्रवार को तरियानी प्रखंड के दियारे के इलाकों में फैल गया। वहीं बेलसंड का तरियानी से सड़क संपर्क भंग हो गया है। बसौल में ध्वस्त पुल का निर्माण नहीं होने से नदी में आए उफान के बाद इस पथ में आवागमन बंद हो गया है। उधर, तरियानी प्रखंड के कुंडल, विशंभरपुर, खुरपट्टी, मोहारी और सुरगाही के दियारे में लगी सब्जी की फसलें पानी में डूब गई है। परवल, खीरा, कद्दू आदि की फसल बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। हालांकि, बाढ़ के पानी के खेतों में जमा होने के बाद किसान धान की रोपनी की तैयारी में जुट गए हैं।

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