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शिवहर में निजी जमीन का हवाला देकर काटा रास्ता, एक हजार ग्रामीण और 300 स्कूली बच्चे परेशान

Published: Fri, 11 Sep 2026 04:19 PM (IST)

Sheohar Village Road Blocked: शिवहर जिले के बेलवा पंचायत में निजी जमीन का हवाला देकर मुख्य रास्ता खोद दिया गया ...और पढ़ें

बेलवा गांव में पगडंडी की खुदाई की वजह से लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। सभी फोटो -जागरण

बेलवा गांव में पगडंडी की खुदाई की वजह से लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। सभी फोटो -जागरण

HighLights

  1. बेलवा पंचायत में निजी जमीन पर मुख्य रास्ता अवरुद्ध किया गया।

  2. एक हजार से अधिक ग्रामीण और 300 स्कूली बच्चे प्रभावित।

  3. प्रशासन ने जांच कर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

नीरज/अरुण साह, शिवहर। Bihar Rural Road Problem: जिले के पिपराही प्रखंड अंतर्गत बेलवा पंचायत में निजी जमीन का हवाला देकर मुख्य रास्ता काट दिया गया है।

गांव के मनोज चौधरी, गोविंद चौधरी और संजीव चौधरी ने करीब एक किलोमीटर लंबी पगडंडी को नाले की तरह खोदकर ग्रामीणों की राह रोक दी है।

इस मनमानी के कारण वार्ड तीन, चार, सात व आठ की एक हजार से अधिक आबादी और 300 स्कूली बच्चों का आवागमन ठप हो गया है।

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ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से परेेशानी हो रही।   

बरसों से सड़क का अभाव

बाढ़ प्रभावित रहे इस गांव में आजादी के बाद से आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीण मजबूरी में कई रैयतों की निजी जमीन से गुजरने वाली पगडंडी का इस्तेमाल कर रहे थे।

इसी कच्चे रास्ते से बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों का अस्पताल पहुंचना और शादी-ब्याह में वाहनों का निकलना होता था।

पचास दिनों से परेशानी

पगडंडी काटे जाने के बाद से ग्रामीण पिछले 50 दिनों से लंबी दूरी तय कर जैसे-तैसे आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निजी जमीन होने के कारण वे कोई कड़ा विरोध नहीं कर सके।

इस बाबत पंचायत के मुखिया और अन्य अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

शादी ब्याह पर संकट

स्थानीय ग्रामीण गगन सहनी और अंबिका सहनी ने बताया कि रास्ते के अभाव में गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना भी दूभर हो गया है।

ग्रामीणों ने चिंता जताई कि अगले दो महीनों में गांव में कई शादियां तय हैं। रास्ता बंद रहने से गांव में बरात आने और बेटियों की विदाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

चौरासी बार विस्थापन झेला

बागमती नदी के किनारे स्थित यह गांव आजादी के बाद से दो वर्ष पूर्व तक 84 बार बाढ़ की विभीषिका झेल चुका है।

वर्ष 2024 में तटबंध बनने से बाढ़ की समस्या तो खत्म हो गई, पर सड़क निर्माण का काम अधूरा रह गया। सड़क न बनने से ग्रामीण निजी पगडंडियों पर निर्भर थे, जिसे अब जमीन मालिकों द्वारा खोदकर अवरुद्ध कर दिया गया है।

जांच बाद होगी कार्रवाई

मामले को लेकर पिपराही के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अंजनी कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही गांव में एक प्रशासनिक टीम भेजी जाएगी।

मामले की पूरी जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी और ग्रामीणों के आवागमन की समस्या का समाधान कराया जाएगा।




शीघ्र ही गांव में टीम भेजी जाएगी। मामले की जांच के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। वहीं आम जनता की समस्या का समाधान किया जाएगा

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अंजनी कुमार, बीडीओ, पिपराही, शिवहर