शिवहर में केवल चीनी-प्याज ही नहीं, चावल, सरसों तेल व रिफाइंड पर भी महंगाई की मार
Sugar Price Hike Bihar: त्योहारी सीजन से पहले शिवहर के बाजारों में आवश्यक खाद्य सामग्रियों की कीमतों में भारी उछाल ...और पढ़ें

बढ़ती महंगाई ने अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। फोटो: जागरण

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, शिवहर। Sheohar Inflation News: त्योहारी सीजन के शुरू होने से पहले ही शिवहर के बाजारों में आवश्यक खाद्य सामग्रियों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है।
आम उपभोक्ता सामग्रियों के दाम बढ़ने से जहां लोगों के घर का बजट बिगड़ गया है, वहीं रसोई का जायका भी फीका पड़ने लगा है। बढ़ती महंगाई ने समाज के हर वर्ग की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
आसमान छूती कीमतें
पिछले एक माह के भीतर बाजार में चीनी की कीमत में 24 रुपये प्रति किलोग्राम तक का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। एक माह पूर्व 46 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी अब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है और इसके दाम गुड़ के बराबर हो गए हैं।
कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में चीनी 6600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है और आने वाले दिनों में इसके दाम और चढ़ने की संभावना है।
प्याज व तेल में उछाल
चीनी के साथ-साथ एक सप्ताह के भीतर प्याज के दाम में भी 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद 35 रुपये वाला प्याज अब 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
सरसों तेल और रिफाइंड के भाव में भी तीन से पांच रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा विभिन्न किस्मों के 25 किलोग्राम वाले चावल की बोरी पर 100 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
घटा राशन का बजट
पांच किलोग्राम वाले विभिन्न कंपनियों के आटा पैकेट की कीमत 225-235 रुपये से बढ़कर अब 250 रुपये तक पहुंच चुकी है।
दाल और मसालों की कीमतों में आई तेजी से भी आम जनता काफी परेशान नजर आ रही है। दैनिक खर्च संतुलित करने के लिए अब उपभोक्ता राशन की मात्रा में कटौती कर काम चलाने को मजबूर हैं।
कारोबार पर पड़ा असर
किराना व्यवसायी मनोज कुमार के अनुसार कीमतों में अचानक आई तेजी के कारण दुकानों पर ग्राहकों की खरीदारी और बिक्री काफी प्रभावित हुई है। दुकानदारों को बढ़े हुए दाम बताने पर अक्सर ग्राहकों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
उधर गृहणियों का कहना है कि खाद्य तेल और रिफाइंड में वजन घटाने और अब हर चीज के दाम बढ़ने से गृहस्थी चलाना मुश्किल हो गया है।
