शिवहर। सुशासन सरकार सूबे में सड़कों का जाल बिछाने का भले ही दावा करती हो ¨कतु ग्रामीण इलाकों में आज भी लोगों को मुकम्मल सड़क मयस्सर नहीं है। कहीं पगडंडियों का सहारा है तो कहीं टूटे फूटे सो¨लग वाली सड़क जिसकी वर्षों से मरम्मत नहीं हुई है। कच्ची फिसलन भरी सड़कें गांव की पहचान है। गांव की पाती अभियान के तहत दैनिक जागरण टीम जब ताजपुर पंचायत के परदेशिया गांव का जायजा लेने पहुंची तो वहाँ के ग्रामीण अपनी व्यथा सुनाने लग गए। लगा जैसे किसी ने दुखते रग पर हाथ रख दी हो या फिर उन्हें ऐसा लगा कि अब समस्याओं का अंत निकट है। चौपाल में मौजूद नवलकिशोर ¨सह, जगन्नाथ पंडित, ईश्वर ¨सह, भुवनेश्वर पंडित, जगन्नाथ ¨सह, उमाशंकर साह, राम एकबाल राऊत, निशांत ¨सह, अरुण कुमार सहित अन्य ने बताया कि यहाँ की सड़कें आज भी कच्ची एवं जर्जर हैं। एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। मध्य विद्यालय परदेशिया से सुगिया जाना हो, ब्रह्म स्थान को जानेवाली सड़क, जहांगीरपुर से सुगिया जानेवाली सड़क सभी खस्ताहाल हैं। वार्ड 3 में तो न सड़क है न बिजली। वहाँ के लोग आज भी आदिम युग में जी रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जहाँ बिजली है वहां के तार वर्षों पुराने हैं जिसे बदला नहीं गया। फलत: हमेशा शॉर्टसर्किट या तार टूटकर गिरने की संभावना बनी रहती है। नतीजतन गांव के लोग खतरे के साए में जीने को विवश हैं। जबकि पंचायत में शामिल परदेशिया, ताजपुर, सुंदरपुर एवं बंकुल चारों गांव एक दूसरे से सड़क से जुड़े हैं बावजूद एक गांव से दूसरे गांव में जाना मुश्किल भरा काम है, खासकर बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। कहा कि यह पंचायत शिवहर एवं पूर्वी चंपारण की सीमा से जुड़ा है। अगर इन सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाए तो शिवहर जिला से मोतिहारी का सीधा संपर्क हो सकता है। वहीं गांव का विकास स्वत: हो जाएगा। वेसे 10 वार्डोवाले इस पंचायत में बच्चों के पढ़ने को स्कूल हैं जहां पढ़ाई की रस्म अदायगी होती है। मध्यान्न भोजन के बाद बच्चे नजर कम ही आते हैं। उसी तरह स्वास्थ्य सेवा के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र भी हैं जहां सरकारी ढर्रे पर इलाज हो जाता है। - कहते हैं मुखिया जी ताजपुर पंचायत के मुखिया चंदन कुमार ¨सह उर्फ मुन्ना ¨सह कहते हैं कि पंचायत क्षेत्र में विकास के हरसंभव प्रयास किए गए हैं। मनरेगा से सड़क निर्माण, मिट्टी भराई, के अलावा आरसीसी पुलिया, सो¨लग मवेशी नांद निर्माण सहित अन्य योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रही है। वहीं पूरी पारदर्शिता के साथ अन्य लाभकारी योजनाओं के लिए योग्य लाभुकों का चयन कर लाभान्वित कराया गया है। कहा कि पंचायतवासियों के सहयोग से ताजपुर ओडीएफ हो सका है। मुकेश कुमार ¨सह सरपंच कहते हैं कि विकास कार्य एक सतत चलनेवाली प्रक्रिया है। यहाँ सबसे पहले ताजपुर चौक के पास जल जमाव की पुरानी समस्या का स्थायी निराकरण होना जरुरी है। वहीं यह सड़क सीधे मोतिहारी जिला को छूती है इसे फोरलेन से जोड़ दिया जाए तो मोतिहारी की दूरी कम हो जाएगी वहीं इस पिछड़े क्षेत्र को विकास का तोहफा मिल जाएगा। दूसरे बिजली गांव तक आ गई है तो नलकूपों की व्यवस्था हो ताकि अन्नदाता किसानों को इसका लाभ मिले। वहीं उपमुखिया प्रमोद राय का कहना है कि जब तक घर घर बिजली नहीं लग जाती तब तक पूर्ण विकास संभव नहीं है आज भी बहुत से वार्ड बिजली से वंचित हैं। विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद कनेक्शन नहीं मिल रहा।

Posted By: Jagran