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दाखिल-खारिज, लगान और जमीन मापी का काम ठप, शिवहर में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल से लोग परेशान

By Arun Kumar Sah Edited By: Ajit kumar
Published: Thu, 12 Mar 2026 01:47 PM (IST)

Revenue Employees Strike: दाखिल-खारिज, लगान वसूली और जमीन मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्य लगभग एक महीने से प्रभावित हैं, जिससे आम ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई टूल चैटजीपीटी की मदद से तैयार की गई है।

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संवाद सहयोगी, पिपराही (शिवहर)। Bihar Revenue Department: जिले में राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े अधिकांश कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।

दाखिल-खारिज, लगान वसूली, जमीन मापी, नामांतरण समेत कई जरूरी कार्य पिछले लगभग एक महीने से प्रभावित हैं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ की शिवहर इकाई ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 11 फरवरी से राज्यव्यापी सामूहिक अवकाश शुरू किया है। इसके चलते जिले के सभी अंचल कार्यालयों में राजस्व से जुड़े कार्य बाधित हो गए हैं।

शिवहर, पिपराही, डुमरी, तरियानी और पुरनहिया अंचल के सभी राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण अंचल कार्यालयों में दाखिल-खारिज, लगान भुगतान, जमीन मापी और नामांतरण जैसे कार्य लंबित पड़े हुए हैं। इससे जमीन संबंधी काम के लिए कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को बार-बार लौटना पड़ रहा है और लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

राजस्व कर्मचारियों का कहना है कि वे गृह जिला में पदस्थापन, ग्रेड पे 2800 लागू करने, यात्रा भत्ता देने और सेवा पुस्तिका के संधारण सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

कर्मचारियों के अनुसार 2 जून 2025 को संघ और विभाग के बीच हुए समझौते को लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब नौ महीने बीत जाने के बाद भी इसे अमल में नहीं लाया गया है।

कर्मचारियों का यह भी कहना है कि एक-एक कर्मचारी को चार से पांच हल्का का प्रभार दिया जाता है, जिससे कार्य का दबाव काफी बढ़ जाता है। समय पर काम पूरा नहीं होने पर वरीय अधिकारियों के समक्ष उन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

इसके अलावा विभाग की नई प्रणाली और विभिन्न अभियानों के कारण रविवार और अन्य सरकारी अवकाशों के दिन भी काम करना पड़ता है। कर्मचारियों के मुताबिक लगातार बढ़ते कार्यभार के कारण उन्हें परिवार और माता-पिता के साथ समय बिताने का अवसर भी नहीं मिल पाता।

भूमि सुधार कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

इधर, राजस्व कार्य ठप रहने से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है और लोग सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।