शिवहर। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए सरकार करोड़ों रुपये का आवंटन जरूर दे रही है लेकिन जमीनी सच्चाई यही है कि आज भी गांवों में बहुत कुछ करना बाकी है। योजनाएं चल रही है लेकिन विकास कहीं दिख नहीं रहा। इन्हीं कारणों को तलाशने गांव की पाती अभियान के तहत दैनिक जागरण की टीम परसौनी बैज गांव पहुंची। जहां मुखिया सहित चौपाल में अन्य ग्रामीण भी शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी बातें रखी जिसमें कुछ मुखिया के पक्ष में थे तो कुछ विपक्ष में। सरकार के काम की नीति पर लोगों ने नाराजगी भी जताई। कहा कि सरकारी खजाने से पैसा आता तो है मगर जाता कहां है पता नहीं चलता, गांव की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई है। वहीं ऐसे लोग भी थे जिनकी नजरों में गांव की सूरत बदली है। ग्रामीणों इस बात का दर्द था कि एनएच 104 से जुड़े होने के बावजूद परसौनी गांव तक आने के लिए एक मुकम्मल सड़क नहीं है। आज भी टूटी - फूटी सड़कों से जाना होता है। वहीं दूसरी ओर पूरे पंचायत में एक भी स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं है, जहां मरीजों का त्वरित इलाज कराया जा सके। किसानों के लिए नलकूप की व्यवस्था नहीं है। गांवों में बिजली भले ही दौड़ा दी गई है लेकिन किसान को उससे ¨सचाई का लाभ नहीं मिल पाता है। प्रधानमंत्री आवास को लेकर लोगों में मलाल दिखा। कहा कि किसी को मिला है तो कोई जरुरतमंद आज भी वंचित है। शौचालय निर्माण में भी लोगों ने बताया कि बहुत सारी आबादी शौचालय से वंचित है। वहीं दूसरी ओर बाढ़ राहत में वर्ष 2002 में क्षतिग्रस्त हुए घरों को बनाने के लिए सरकार ने सहायता राशि दी थी जिसे प्रभावितों ने राशन-पानी में खर्च कर लिया जिससे अब तक घर नहीं बना। वैसे लोगों के लिए आवास योजना का लाभ सरकार दे ताकि लोगों के सिर को छत मिले। गांव में चल रहे नल जल योजना के प्रति सकारात्मक जबाब मिला। बताया गया कि नल जल पर काम हुआ है लेकिन यह कितने दिन चलेगा कहा नहीं जा सकता, क्योंकि इसमें लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता का कोई भरोसा नहीं है - कहते हैं मुखिया जी पंचायत के मुखिया ¨पकू सहनी ने बताया कि अपने कार्यकाल में सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया है। मनरेगा के तहत सभी काम पूरी पारदर्शिता के साथ किए गए हैं। वहीं अन्य विकासात्मक योजनाओं का लाभ पंचायतवासियों को देने की पूरी कोशिश की गई है। सड़कों की मरम्मत हुई है, मिट्टी भराई का कार्य हुआ है। मवेशियों के नांद बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त भी अन्य छोटी बड़ी समस्याएं पंचायत स्तर पर दूर की गई हैं। ओडीएफ को लेकर मुखिया ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि भले ही मेरा पंचायत ओडीएफ घोषित कर दिया गया हो, लेकिन सच्चाई यही है कि आधे लोगों के पास शौचालय नहीं है। मुखिया ने कहा कि हमें लगता है कि सिर्फ कागज पर ही ओडीएफ की घोषणा कर दी गई है। उप मुखिया विकास पासवान का कहना था कि परसौनी बैज पंचायत में सबसे बड़ी समस्या शिवहर सीतामढ़ी पथ एनएच 104 से संपर्क पथ जर्जर है। जिसे दुरुस्त किया जाना सबसे पहले जरूरी है क्योंकि जब तक आवागमन की समुचित व्यवस्था नहीं होगी तब तक विकास की बात करना बेमानी है। उक्त चौपाल में सरपंच चंदेश्वर सहनी , राजीव यादव,नत्थू पटेल, रामचंद्र राऊत, संजय राऊत, रामजी पंडित, लक्ष्मी सहनी, खेंहारी सहनी, लक्ष्मण सहनी सहित अन्य लोग मौजूद थे। - परसौनी बैज पंचायत एक झलक

कुल आबादी 10 हजार 500

कुल मतदाता 7 हजार 800

बीपीएल - 1600

एपीएल - 1000

अंत्योदय लाभार्थी-125

जन वितरण प्रणाली दुकान - 05

मध्य विद्यालय - 03

प्राथमिक विद्यालय - 04

अस्पताल - 00

Posted By: Jagran