शिवहर। एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ विपक्षी दलों का आक्रोश मार्च शिवहर कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष मो. असद के नेतृत्व में बुधवार को निकाला गया। आक्रोश मार्च शहर की सड़कों से होकर समाहरणालय गेट पहुंच घेराव किया। मौजूदा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहीं राज्यपाल के नाम ज्ञापन एडीएम शंभूशरण को सौंपा। वही अपर समाहर्ता शंभू शरण दास को ज्ञापन दिया गया।

इस दौरान महागठबंधन के घटक दलों में राजद, वीआइपी सहित वाम दल के नेता मौजूद थे। मौके पर जिलाध्यक्ष मो. असद ने कहा कि भारत सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश की आर्थिक स्थिति आए दिन खराब हो रही है। नौजवान व किसान बदहाल हैं। सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण एक सोची समझी चाल है।

इधर बिहार में नीतीश कुमार के 15 वर्षों के शासनकाल में सूबे की विधि व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। कहा कि झूठे वायदे और ख्वाब की बदौलत केंद्र की सत्ता तक पहुंची मोदी की सरकार तानाशाही पर उतर आई है। गरीब को और भी गरीब करने की साजिश रची जा रही है। वहीं पूंजीपतियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाया जा रहा है। सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति की जा रही है। जिसका हम सभी पार्टियों को पुरजोर विरोध करना है। जन जन तक यह आवाज पहुंचानी है। ताकि लोग सच्चाई जान सकें। मौके पर कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष मो. नसीम अख्तर, राजद के प्रवक्ता प्रेमशंकर पटेल, राजद के नगर अध्यक्ष मो. सरफराज, राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष वशिष्ठ राऊत, कांग्रेस कोषाध्यक्ष सद्दाम हुसैन एवं पूर्व प्रमुख भोला साह सहित महागठबंधन के अन्य नेता मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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