शिवहर । दो साल से अलग-अलग रहे पति-पत्नी न केवल एक हुए बल्कि उनका उजड़ा और बिखरा गुलशन आबाद हो गया। साथ ही गृहस्थी भी आबाद हुई। पति ने दो साल बाद पत्नी और बेटी को अपना लिया। पति-पत्नी ने एक बार फिर साथ जीने और साथ मरने की शपथ ली। यह सब हो पाया शिवहर जिला महिला हेल्पलाइन की पहल पर। महिला हेल्पलाइन की जिला परियोजना प्रबंधक रानी कुमारी व परामर्शी आशा कुमारी की पहल पर मो. अनीष और अफसाना खातून की गृहस्थी दोबारा बस गई। गुरुवार को महिला हेल्पलाइन द्वारा दोनों के बीच समझौता कराया गया। वहीं बांड भरवा कर दोनों को विदा किया गया। बांड के अनुसार मो. अनीष अपनी पत्नी अफसाना खातून व बेटी को लेकर मुंबई चला जाएगा। महिला हेल्पलाइन की इस पहल को लेकर इस दंपती ने आभार जताया। साथ ही पूरे शहर में इस खबर की चर्चा रही। लोग दोबारा गृहस्थी बसाने की पहल के लिए महिला हेल्पलाइन की जिला परियोजना प्रबंधक रानी कुमारी व परामर्शी आशा कुमारी की भूमिका की सराहना की।

बताते चलें कि, हिरम्मा थाना के रेवासी वार्ड छह निवासी मरहूम मो. इस्लाम की पुत्री अफसाना खातून की शादी सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना के गोविद फंदह वार्ड दो निवासी अफजल दर्जी के पुत्र अनीष दर्जी से हुई थी। शादी के बाद अफसाना ने एक पुत्री को जन्म दिया। मो. अनीष दर्जी मुंबई में दर्जी का काम करता है। लिहाजा वह मुंबई रहने लगा। जबकि, अफसाना अपने ससुराल में रहने लगी। लेकिन पति के जाने के बाद अफसाना और उसकी सास में ठन गई। दोनों के बीच विवाद होता रहा। गांव लौटे मो. अनीष दर्जी ने दो साल पूर्व पत्नी और बेटी को उसके मायका पहुंचा दिया। इसके बाद से दोनों अलग-अलग रहने लगे। यहां तक की दोनों के बीच बातचीत भी नहीं हुई। दोनों अपनी जिदगी अलग-अलग रहकर अपने तरीके से जी रहे थे। हालांकि, जिदगी में खालीपन था। देखते-देखते दो साल का वक्त गुजर गया। मायका में रह रही अफसाना को गांव के कुछ लोगों ने महिला हेल्पलाइन में जाने की जानकारी दी। इसके बाद अफसाना ने महिला हेल्पलाइन में आवेदन देकर पति के साथ रहने की इच्छा जताई। अफसाना के आवेदन पर कार्रवाई करते हुए महिला हेल्पलाइन की टीम ने रीगा थाना के माध्यम से मो. अनीष दर्जी को नोटिस भेजकर उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसके बाद मो. अनीष दर्जी महिला हेल्पलाइन के समक्ष उपस्थित हुआ। फिर महिला हेल्पलाइन की जिला परियोजना प्रबंधक रानी कुमारी व परामर्शी आशा कुमारी ने दोनों को समझा-बुझाकर मामले का निपटारा कर दिया।