गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को मिलेगी रफ्तार, शिवहर में दावा आपत्ति की प्रक्रिया पूरी
Bharatmala Project Land Acquisition:गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए शिवहर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। दावा-आपत्ति की ...और पढ़ें

जमीन की प्रकृति और सरकारी दर निर्धारण के बाद रैयतों से दावा व आपत्ति लेने की समयसीमा पूरी हो गई है। फाइल फोटो

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, शिवहर। Gorakhpur Siliguri Expressway Sheohar: गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम आगे बढ़ाया है।
जमीन की प्रकृति और सरकारी दर निर्धारण के बाद रैयतों से दावा व आपत्ति लेने की समयसीमा पूरी हो गई है।
शिवहर जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित अवधि तक कुल 30 से 35 रैयतों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
जिले में लंबाई 15.9 किलोमीटर
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे शिवहर शहर सहित कुल 12 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 15.9 किलोमीटर निर्धारित की गई है।
इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के लिए कुल 127.7538 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
सर्वे और दर
जिलाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर भू-अर्जन, अंचल कार्यालय, एनएचएआई और निबंधन विभाग की संयुक्त टीम ने सभी मौजों का भौतिक सत्यापन किया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला निबंधन पदाधिकारी नीरज कुमार ने जमीन की श्रेणी के अनुसार मुआवजा दर तय की थी। इसके उपरांत चार जून को विधिवत अधिसूचना जारी कर रैयतों से दावे मांगे गए थे।
प्रभावित क्षेत्र विवरण
परियोजना के दायरे में पिपराही अंचल के धनकौल, हरपुर, देकुली धरमपुर और परसौनी मौजे शामिल हैं। इसके साथ ही शिवहर अंचल के चक विशनपुर, खैरवा दर्प, विशनपुर किशुनदेव, माधोपुर अनंत, सुगिया कटसरी, परदेसिया और ताजपुर की जमीन अधिग्रहित होगी।
नगर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड एक से लेकर वार्ड 15 तक के विभिन्न हिस्सों की जमीन भी इस रूट में आ रही है।
सुनवाई और मुआवजा
प्रशासन को प्राप्त सभी 30-35 दावों और आपत्तियों पर गुरुवार तक संबंधित अधिकारियों द्वारा सुनवाई की जाएगी। आपत्तियों के निस्तारण के तत्काल बाद रैयतों को मुआवजा भुगतान और भूमि हस्तांतरण का काम शुरू होगा।
उधर सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद प्रकाश का कहना है कि प्रचार-प्रसार के अभाव में कई किसान समय पर आपत्ति दर्ज कराने से वंचित रह गए।
