यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अवैध मापतौल केंद्र का लगातार बढ़ रहा दायरा, किसानों का दोहन
शिवहर। सरकार के आदेश के बावजूद शिवहर में अबतक सरकारी दर पर गन्ने की गन्ने की खरी

शिवहर। सरकार के आदेश के बावजूद शिवहर में अबतक सरकारी दर पर गन्ने की गन्ने की खरीदारी के लिए गोपालगंज और सिधवलिया की चीनी मिल द्वारा मापतौल केंद्र की स्थापना नहीं की जा सकी है। एसडीओ की अध्यक्षता में हुई चीनी मिल प्रतिनिधियों की बैठक के बाद भी इलाके में वैद्य मापतौल केंद्र नहीं खुल सका है। जबकि, इलाके के किसान वैद्य मापतौल केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे है। इन सबके बीच अवैध मापतौल केंद्र की स्थापना कर बिचौलिये मालामाल हो रहे है। बिचौलियों द्वारा फसल के बर्बाद होने का झांसा देकर उनसे आधी कीमत पर गन्ने की खरीदारी कर चपत लगा रहे है। जिले में अवैध मापतौल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं इनकी संख्या में भी इजाफा हो रहा है। बिचौलियों द्वारा माइकिग कर किसानों से गन्ने की खरीदारी की जा रही है। लेकिन, प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि, डीएम सज्जन आर ने कहा कि वह मामले की जांच कराएंगे। और अवैध मापतौल केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। बताते चलें कि रीगा चीनी मिल बंद होने के साथ ईखायुक्त बिहार ने 13 जनवरी को शिवहर-सीतामढ़ी के किसानों की गन्ना गोपालगंज, सिधवलिया और मझौलिया की चीनी मिल को आवंटित कर दिया था। वहीं तीनों चीनी मिल को शिवहर-सीतामढ़ी के 19 स्थानों पर मापतौल केंद्र खोलने का आदेश दिया था। लेकिन अबतक उक्त चीनी मिलों द्वारा कोई पहल नहीं की गई है। जबकि, किसानों की टकटकी लगी हुई थी। जबकि, दूसरी ओर बिचौलिये अवैध धर्मकांटा की आड़ में आधी कीमत पर गन्ना खरीद किसानों का दोहन कर रहे हैं।
