मुजफ्फरपुर। मुशहरी थाना क्षेत्र के बुधनगरा निवासी सेवानिवृत्त सैनिक के 40 वर्षीय मृत घोषित पुत्र के घर लौटने से गम का माहौल खुशियों में तब्दील हो गया। बताया गया कि सेवानिवृत्त सैनिक रामसेवक ठाकुर का पुत्र संजू ठाकुर मानसिक रूप से बीमार है जो अक्सर घर से कई दिनों तक गायब रहता था। अगस्त माह में कई दिनों से घर से गायब था। पिता ने कई दिनों तक उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका पता न चला। थकहार कर 31 अगस्त को मुशहरी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अभी उसकी खोज की जा रही थी कि सात सितंबर को मुशहरी थाने से फोन आया कि आपके पुत्र के हुलिए का एक युवक का शव मिला है। हो सकता है कि वह आपका लड़का हो। इसलिए इसकी शिनाख्त एसकेएमसीएच में जाकर कर लें। आठ सितंबर को इसकी सूचना मिलते ही संजू के पिता दो अन्य ग्रामीणों के साथ एसकेएमसीएच गए और शव की शिनाख्त की। चेहरा गल जाने के कारण पहचान करना मुश्किल हो रहा था। लेकिन, हुलिया पुत्र की तरह देख शव को अपने घर ले आए और उसका दाह संस्कार कर दिया। मंगलवार को गांव के ही निजी स्कूल के शिक्षक रामआधार ठाकुर किसी काम से शहर की ओर जा रहे थे। कन्हौली मोड़ पर संजू ठाकुर को खड़ा देखा। पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। फिर वे उसके पास पहुंचे और उससे पूछा कि वह इतने दिनों तक कहां रहा। संजू ने बताया कि कहीं भागवत कथा हो रही थी जहां वह रह गया था। तब श्री ठाकुर संजू को लेकर गांव पहुंचे तो उसे जिंदा देख परिजन हर्षित हो उठे। उन्हें अपनी आंखों पर ही विश्वास नहीं हो रहा था। ग्रामीण गुड्डू कुमार, विश्वनाथ ठाकुर आदि ने बताया कि रविवार को उसका श्राद्कर्म हुआ था। आज तिराती का भोज था। पंडितजी भी आ चुके थे। तिराती के भोज का निमंत्रण जाने ही वाला था। इसी बीच संजू के जिंदा आ जाने से परिजनों समेत ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त हो गया। संजू को देखने को ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है। इस बीच आखिर किस युवक का अंतिम संस्कार किया गया, उसकी भी चर्चा ग्रामीणों में बनी रही।

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