शिवहर। डुमरी कटसरी सोमवार को श्यामधारी यमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नयागांव में जागरूकता विषयक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सरकार के समाज कल्याण विभाग के महिला विकास निगम के निर्देश के आलोक में वाद विवाद प्रतियोगिता, एकल दौड़ एवं पें¨टग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूली बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इस कुप्रथा के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। खासकर जागरूक बच्चे एवं युवाओं की इसमें बड़ी भूमिका निभाने की आवश्यकता है। मौके पर जिले में महिलाओं को जागरूक करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाली अल्पावास गृह की प्रशिक्षण सह पुनर्वास पदाधिकारी मीना कुमारी ने कहा कि दोनों ही कुरीतियों को खत्म करने के लिए महिलाओं को आगे आने की जरूरत है। कहा कि मैंने खुद बाल विवाह का खुलकर विरोध किया है। खासकर छात्राओं को बाल विवाह के कितने दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नसीहत दी कि निर्भीकता के साथ इस ग्रंथ परंपरा को खत्म करने में सहयोग करें। वहीं कहा कि दहेज की प्रथा समाज में विसंगति पैदा कर रही है। बेटी का घर बसाने में बाप एवं भाई का घर गिरवी पड़ जाए ऐसी परंपरा को सिरे से नकारने की जरूरत है। वहीं दहेजलोभियों को समाज से बहिष्कृत करने की नसीहत दी। स्कूली बच्चों से संकल्प कराया कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन के लिए हम सभी हर संभव प्रयास करेंगे। इस दौरान आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता में आशुतोष कुमार, आफरीन खातून एवं धर्मेन्द्र राम का चयन किया गया। वहीं एकल दौड़ में मो. नौशाद आलम, सुभाष कुमार एवं तौकीर आलम को क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान मिला। मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. खलिकुल्लाह, अनिल कुमार पांडेय, मो. मुमताज अहमद, राजीव प्रताप, रूपेश कुमार, हरिश्चंद्र राम, कंचनप्रभा कुमारी, सुधा देवी, देवेंद्र कुमार एवं रामबाबू राऊत सहित बड़ी संख्या में स्कूली छात्र एवं छात्राएं मौजूद थीं।

Posted By: Jagran

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