शिवहर। बीएसएनएल की सेवा प्रारंभ से ही लचर रही है। खासकर एक महीने से तो मानो बीएसएनएल ने अपने उपभोक्ताओं को रुलाने की कसम ले रखी है। एक सप्ताह पूर्व भी ऐसे ही नेटवर्क फेल हुआ था जिसे सही होने में पांच दिन लगे थे। आज फिर से बीएसएनएल दगा दे रही है। नतीजतन उपभोक्ताओं को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग बाग कोसते हुए बीएसएनएल छोड़ अन्य निजी मोबाइल कंपनियों के सिम से काम चला रहे हैं। लेकर गांव हर जगह टावर एवं सहजता से नेटवर्क मिलने का मोह नहीं छूट रहा। वहीं आक्रोश इस बात कै लेकर भी है कि महीना का न्यूनतम चार्ज या फिर पैक भरने के बावजूद एक महीने सुचारू रुप से अपनों से बात नहीं हो पाती है। कॉल ड्रॉप तो मानो बीएसएनएल की विशेषता में शुमार है। दूसरी परेशानी यह कि दफ्तरों एवं पदाधिकारियों के सभी नंबर मूलत: बीएसएनएल से हैं ऐसे में संपर्क या शिकायत भी संभव नहीं हो पा रहा। इतना ही नहीं डिजिटल युग में कार्यालयों में भी नेटवर्क नहीं होने का बहाना कर काम को टाला जा रहा है। कुल मिलाकर बीएसएनल ने मानो विकास की गति को अवरूद्ध कर दिया है। बारहा शिकायत के बाद भी बीएसएनल की दशा सुधारने के लिए सार्थक प्रयास नहीं किया गया है। वहीं हाल बेसिक टेलीफोन का भी है करीब तीन महीने से शहर के सौ से अधिक टेलिफोन मृत पड़े हैं जिसकी चिता बीएसएनएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नहीं है। यह अलग बात है कि धारक को उसका न्यूनतम चार्ज अदा करने की अनिवार्यता है।

Posted By: Jagran