शिवहर। तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यालय स्थित सरोजा सीताराम सदर अस्पताल गुरुवार को पूर्णरुपेण चालू हो गया। सो शय्या वाले उक्त अस्पताल के चालू होने का सिद्दत से जिलावासियों को इंतजार था। क्योंकि जिले में समुचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने के कारण एसकेएमसीएच रेफर होने की विवशता थी। जिस पर अब संभवत: विराम लगेगा। क्योंकि यह अस्पताल पूर्णत: आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था से परिपूर्ण होगा। यह बात भी सर्वविदित है कि इसे चालू कराने में स्वास्थ्य विभाग एवं उच्च न्यायालय तक को हस्तक्षेप करना पड़ा। अभी हाल ही में जारी पत्रादेश में 29 जून 18 तक की डेड लाइन तय की गई थी। सीएस डॉ. विश्वंभर ठाकुर ने तत्परता दिखाते हुए निर्धारित समय से पूर्व उसे चालू करा दिया। वहीं इस मौके पर डीएम अरशद अजीज एवं अन्य अधिकारियों ने अस्पताल का अवलोकन किया। वहीं आश्वस्त हो उम्मीद जताई कि उक्त अस्पताल जिले के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। बता दें कि फतहपुर निवासी शिशिर कुमार ने अस्पताल निर्माण के लिए वर्ष 2008 में दो एकड़ जमीन दानस्वरुप दी थी जिस पर विभागीय स्वीकृति के पश्चात करोड़ों की लागत से सरोजा सीताराम सदर अस्पताल का निर्माण किया गया। ¨कतु इसे चालू कराने में कुछेक व्यवधान उपस्थित हुए जिसे लेकर भूमिदाता को उच्च न्यायालय में याचिका दायर करनी पड़ी और अंतत: जिलावासियों की चिर प्रतीक्षित अस्पताल पूर्णरुपेण चालू हो गया। इसके लिए भूमिदाता शिशिर कुमार ने आत्मसंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस उद्देश्य से जमीन दान दी थी वह आज सार्थक हो गया। सीएस डॉ. विश्वंभर ठाकुर ने बताया कि आज सरकार को अनुपालन प्रतिवेदन प्रेषित कर दिया गया है। वाह्य कक्ष चिकित्सा सेवा तो पूर्व से संचालित थी आज से यहाँ इनडोर, इमरजेंसी, प्रसव सहित अन्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो गई है। अभी प्रतिदिन पांच विशेषज्ञ चिकित्सक ऑन ड्यूटी रहेंगे जिनकी संख्या आवश्यकतानुसार विभागीय आदेश के बाद बढ़ सकती है। वहीं अन्त्र संसाधन भी विकसित होंगे। मौके पर एसीएमओ मीना शर्मा, डीएस डॉ. मेंहदी हसन, डॉ. टीपी ¨सह, डॉ. आरके ¨सह सहित अन्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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