शिवहर, जेएनएन। मंगलवार को बागमती नदी के बेलवा घाट पर कांवरियों का सैलाब दिखा। चारों दिशाओं से या यूं कहें चार जिलों के कांवरियों का संगम बागमती के तट पर देखने को मिला। श्रद्धालुओं में पुरुष, महिला, बच्चे एवं बुजुर्ग भी दिखे। ऐसे भी श्रद्धालु मिले जिनका कहना था कि वे चालीस वर्षों से कांवर लेकर अरेराज जाते रहे हैं। कोई बागमती में स्नान कर रहा तो कोई पवित्र जल अपने जलपात्र में लेकर अरेराज स्थित बाबा सोमेश्वर नाथ के जलाभिषेक का संकल्प कर रहा। एक जत्था बोलबम के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ चला तो दूसरा जत्था अभी भजन कीर्तन में मस्त। सारी विविधताओं के बावजूद सबका लक्ष्य बस एक बाबा का दर्शन एवं जलाभिषेक कर मनोकामना की पूर्ति। अध्यात्म की इस पराकाष्ठा का प्रतिफल असीम आंतरिक शांति का अनुभव। शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर व पूर्वी चंपारण सबकी सीमाएं एक दूसरे से जुड़ी होने से रिश्तेदारी भी है। सो वहां कुटुंब जनों से मुलाकात भी एक बहाना और संबल के रूप में दिखा। खासकर महिला श्रद्धालुओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा अधिक है। हर तरफ केसरिया रंग के वस्त्र पहने श्रद्धालु एक दूसरे को नाम नहीं बम कहकर संबोधित करते दिखे। वहीं अभिवादन के लिए भी बोलबम एवं हर-हर महादेव का उद्घोष ही यहां प्रचलन में है। सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन की ओर से पुलिस बल की टुकड़ियों को देखा जा सकता है। हालांकि कांवरियों का अपना खुद का अनुशासन एवं नियंत्रण होता है बावजूद एहतियातन पुलिस की मौजूदगी है।

Posted By: Jagran

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