छपरा। समाहरणालय सभागार में उच्च विद्यालय के प्रार्चाय एवं उन्नयन कार्यक्रम में जुड़े हुए शिक्षकों को मंगलवार को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि हर बच्चें को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध करानी हैं और इसमें सारण उन्नयन कार्यक्रम बहुत ही उपयोगी है। उच्च विद्यालय में जो भी शिक्षक उन्नयन कार्यक्रम से जुड़े हैं उन्हें भी रुचि लेनी होगी एवं सक्रियता दिखानी होगी। उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट हैं। हर हाल में बच्चों में रुचि पैदा करनी हैं ताकि जब ये बच्चे प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करें तो उन्हें जूझना नहीं पड़े बल्कि आसानी से सफलता हासिल कर सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ानें का प्रयास किया जाय ताकि अधिक से अधिक बच्चे स्मार्ट क्लास का लाभ उठा सकें। यहां के बच्चों में क्षमता हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान विद्यालयों में मैंने जाकर देखा है। बच्चे काफी होनहार हैं, उन्हें दिशा देने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि सारण उन्नयन को सही रुप से कार्यान्वित करायें यह बहुत बेहतर परिणाम देगा। उन्होंने कहा कि जिला के 16 अगस्त को पांच विद्यालयों में इसे प्रारंभ किया गया और आज यह 85 विद्यालयों मे संचालित हो रहा हैं। जिसमें 37 हजार बच्चे इस कार्यक्रम का लाभ उठा रहे है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक माह शिक्षा विभाग की होने वाली समीक्षा बैठक में वैसे दस शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा जिनके प्रयासों से विद्यालय में संख्यात्मक रुप में छात्रों की उपस्थिति सर्वाधिक बढ़ी हो एवं पांच विद्यालय के प्राचार्याें से स्पष्टीकरण किया जाएगा जहां छात्रों की संख्या कम बढ़ी हैं अथवा बढ़ नही रही है। जिलाधिकारी ने सभी प्रचार्यों से नवीं-दसवीं वर्ग में नामांकित छात्र-छात्राओं का डाटाबेस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि डिजिटल क्लास में भाग लेने वाले बच्चों का सही मूल्यांकण किया जा सकें। सभाकक्ष में जिलाधिकारी के द्वारा सारण उन्नयन में बेहतरीन कार्य करने वाले पांच शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनके प्रयासों से विद्यालयों में छात्रो की उपस्थिति में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। इनमें जूली कुमारी, प्रभारी प्रधानाध्यापिका के.डी. उच्च विद्यालय सिसई, बनियापुर, अखिलेष्वर पाठक प्रभारी प्रधानाध्यापक उत्क्रमित उच्च विद्यालय पिरौना, गड़खा, रजनीकांत ¨सह, प्रधानाध्यापक श्रीशिवनंदन उच्च विद्यालय धनाव, बनियापुर, सुरेन्द्र कुमार मिश्र, प्रभारी प्रधानाध्यापक उच्च विद्यालय रामपुर खोर्रम, मढ़ौरा एवं राजकुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक रहमत बालिका उच्च विद्यालय दरियापुर शामिल है।

बैठक के दौरान सारण उन्नयन के इकोवकटर रीतेश जी जो स्वयं आईआईटीएन हैं के द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा उन्नयन कार्यक्रम की उपयोगिता के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि इसके तीन मोड्यूल हैं स्कूल प्रोग्राम, एसेसमेंट एवं डाउट डिस्कशन। इनके माध्यम से गणित, विज्ञान एवं समाजिक विज्ञान के विषयों को बारिकी से तैयार किया गया हैं जिससे बच्चें विषयवस्तु को आसानी से समझेंगे एवं हल करेंगे। इसके साथ ही जिलाधिकारी के द्वारा समीक्षा बैठक में कहा गया कि किसी भी हाल में विद्यालयों में एमडीएम बंद नहीं रहेगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण खाना देना होगा। जिन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय निरीक्षण प्रतिवेदन नहीं दिया गया है उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया। उन्होंने डीपीओ लेखा को निर्देश दिया कि छा़त्रों का मिलने वाली प्रोत्साहन राशि उनके खाते में गई कि नही से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध करायें। इस अवसर पर जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त रौशन कुशवाहा, शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारी, इकोवेटर रितेश जी एवं उनकी टीम के सदस्य तथा सभी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे।

Posted By: Jagran