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कुष्ट उन्मूलन को ले सरकार घर-घर चलाएगी अभियान

छपरा। लोगों के शरीर में किसी प्रकार हुए दाग-धब्बों की जांच के लिए अगले माह यानी अक्टूबर

By Edited By: Published: Sat, 24 Sep 2016 06:55 PM (IST)Updated: Sat, 24 Sep 2016 06:59 PM (IST)
कुष्ट उन्मूलन को ले सरकार घर-घर चलाएगी अभियान

छपरा। लोगों के शरीर में किसी प्रकार हुए दाग-धब्बों की जांच के लिए अगले माह यानी अक्टूबर माह से स्वास्थ्य विभाग जांच अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे। पुरुष को व महिलाओं के लिए अलग-अलग डाक्टरों की व्यवस्था की गई है। सरकार ने कुष्ट की बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए कुष्ट उन्मूलन अभियान चलाने का आदेश दिया है। इसके तहत लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दो वर्ष से ऊपर की उम्र वाले बच्चों से लेकर किशोर, युवा, अधेड़ व वृद्ध पुरूष एवं महिलाओं की जांच करेंगे। इसमें यह देखा जाएगा कि शरीर के किसी भी हिस्से में तम्बई रंग का दाग तो नहीं है और किसी तरह का दाग है तो उसमें सूनापन तो नहीं है। अगर उसमें सूनापन होगा तो वह कुष्ट की बीमारी हो सकती है। इसी तरह हाथ और पैर के नसों में सुजन, दर्द एवं झुनझुन्नी आदि लक्षणों की जांच करेंगे। स्वास्थ्य विभाग यह अभियान अक्टूबर माह से चलाने जा रहा है। बताया जाता है कि अगर प्रारंभिक अवस्था में इसकी जांच कर ली जाएगी तो लोग विकलांगता से बचाया जा सकेगा। सरकार द्वारा इलाज का बेहतर व्यवस्था की गई है। ताकि लोगों की बीमारी जड़ से समाप्त हो सके।

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दवा खाने से ठीक हुए 53 लोग

जिले में माह जुलाई तक 566 कुष्ट रोगी थे। इन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा दिया जा रहा है। इसमें से नियमित दवा खाने वाले 53 लोगों का कुष्ट रोग ठीक हो गया है। बताया जाता है कि अगस्त माह में जांच के दौरान 79 नये कुष्ट के मरीज मिले हैं। जिनका उपचार कुष्ट विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग एमसीआर का चप्पल भी मरीजों का देता है जिससे कि उसे चलने फिरने के दौरान पैर में कुछ न लगे। विभाग का दावा है कि कुष्ट की बीमारी का इलाज काफी आसान है और दवा खाने से सौ प्रतिशत बीमारी ठीक होता है।

कहते हैं चिकित्सक :-

'शरीर में अगर किसी प्रकार का दाग धब्बा हो और उसमें सूनापन हो तो तुरंत उसका उपचार कराना चाहिए। दाग धब्बा की जांच करने के लिए अगले माह जिले में अभियान चलाया जाएगा। जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दो वर्ष के उपर के एक-एक सदस्य की जांच करेंगे। महिला की महिला एवं पुरूष की पुरुष स्वास्थ्य कर्मी जांच करेंगे। कुष्ट की बीमारी छुआछूत से नहीं फैलता है। यह बीमारी सिम्पल एक वैक्टिरिया से होता है। इलाज होने पर पूरी तरह ठीक हो जाता है।'

डा.रत्ना शरण

अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्साधिकारी संचारी रोग, सारण


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