सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, DPR के लिए कंपनी चयन; 600 करोड़ से विकास की शुरुआत
Sonpur Greenfield Airport Project सारण जिले के सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को राज्य सरकार से प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, छपरा(सारण)। सारण जिले के सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना आगे बढ़ी है। राज्य सरकार ने इसके विकास को लेकर अहम फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में यह निर्णय हुआ।
यह एयरपोर्ट क्षेत्र के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद जगी है।
DPR निर्माण के लिए कंपनी का चयन
एयरपोर्ट के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार होगी। इसके लिए कंपनी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी मिली है। इसमें डिजाइन और आधारभूत ढांचे का विकास शामिल होगा।
आरटी टैग भवन सहित कई आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी।
पर्यटन और यातायात को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलेगी। यातायात सुविधाएं भी पहले से बेहतर होंगी।
सोनपुर और आसपास के इलाकों का विकास तेज होगा। व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना पूरे सारण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
स्थानीय लोगों में दिखा उत्साह
इस फैसले के बाद इलाके में खुशी का माहौल है। लोग इसे लंबे समय से चल रहे प्रयासों का नतीजा मान रहे हैं।
सांसद राजीव प्रताप रुडी के प्रयासों की चर्चा हो रही है। एयरपोर्ट को क्षेत्र के विकास से जोड़ा जा रहा है।
युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ी है। लोग इस योजना को ऐतिहासिक बता रहे हैं।
हरिहरनाथ मंदिर विकास से बढ़ी खुशी
सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर के लिए भी राशि स्वीकृत हुई है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मंदिर परिसर के विकास कार्य तेज होंगे। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर होंगी।
यह फैसला स्थानीय आस्था से भी जुड़ा हुआ है। लोगों में दोहरी खुशी देखने को मिल रही है।
स्वागत समारोह में दिखा उत्साह
भाजपा नेता राकेश कुमार सिंह का भव्य स्वागत किया गया। खरीका बाजार में गाजे-बाजे के साथ कार्यक्रम हुआ।
माला और अंगवस्त्र देकर उनका अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व महादेव साह और अनिल सक्सेना ने किया।
कई स्थानीय गणमान्य लोग भी इसमें शामिल हुए। पूरे इलाके में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला।
