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सोनपुर में 4228 एकड़ में बनेगा नया ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक विकास की उम्मीद

Published: Fri, 06 Feb 2026 03:18 PM (IST)

छपरा के सोनपुर में 4228 एकड़ में एक नया ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित किया जा रहा है। 1302 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

सोनपुर में 4228 एकड़ में बनेगा नया ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, छपरा। सोनपुर में एक बड़े ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की योजना अब जमीन पर आकार लेने लगी है। इस प्रोजेक्ट के लिए 4228 एकड़ भूमि को चिह्नित किया गया है और 1302 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति की कार्रवाई प्रगति पर है। यह हवाई अड्डा पूरी तरह से नई, खाली जमीन पर बनाया जाएगा, जिससे इलाके की हवाई कनेक्टिविटी में नई क्रांति आने की उम्मीद है।

ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा नए क्षेत्र में होता है विकसित:

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का अर्थ है ऐसा हवाई अड्डा जो किसी खाली या अविकसित भूमि पर नए सिरे से बनाया जाता है। इसमें रनवे, टर्मिनल, कंट्रोल टावर, पार्किंग और फ्लाइट सुविधाएं सभी आधुनिक तकनीक के साथ तैयार की जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा हवाई अड्डों का दबाव कम करना और नए शहरों तथा क्षेत्रों में हवाई यात्रा का विस्तार करना होता है।

विशेष रूप से, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों में पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार होता है, बल्कि आसपास के क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। यानी वहां पहले कोई हवाई अड्डा मौजूद नहीं होता।

ऐसे एयरपोर्ट में रनवे, टर्मिनल भवन, कंट्रोल टावर, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और फ्लाइट संचालन से जुड़ी सभी सुविधाएं शून्य से तैयार की जाती हैं। इसका उद्देश्य मौजूदा हवाई अड्डों पर बढ़ते दबाव को कम करना और नए क्षेत्रों को हवाई यात्रा से जोड़ना होता है।सोनपुर में बनने वाले एयरपोर्ट न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी नई रफ्तार देगा।

परियोजना के लाभ और महत्व:

इस हवाई अड्डे के बनने से सोनपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई आर्थिक अवसर उत्पन्न होंगे। नए रोजगार के अवसर, पर्यटन का विकास और व्यापारिक कनेक्टिविटी में सुधार इसके मुख्य लाभ होंगे। साथ ही, मौजूदा हवाई अड्डों पर दबाव कम होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत मिलेगी।

राजीव प्रताप रूडी के प्रयासों से मिली गति:

इस परियोजना के पीछे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी के लंबे प्रयासों को अहम माना जा रहा है। वर्षों से वे सोनपुर क्षेत्र में हवाई अड्डा परियोजना को लेकर सक्रिय रहे हैं। अब जब भूमि चिह्नित हो चुकी है और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो इसे उनके प्रयासों की ठोस सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

निर्माण और डिज़ाइन की विशेषताएं:

ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा बिल्कुल नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा। इसमें पुराने निर्माण को हटाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ब्राउनफील्ड परियोजनाओं के विपरीत यह अधिक तेज़ी और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जा सकेगा। हवाई अड्डा पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ डिज़ाइन के साथ बनाया जाएगा, ताकि आसपास की पारिस्थितिकी पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

सारण के भविष्य की दिशा होगी तय:

यह प्रोजेक्ट न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसायिक अवसर भी प्रदान करेगा। सोनपुर और सारण जिले के युवाओं के लिए यह एक नई उम्मीद और विकास का रास्ता साबित होगा।

अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस हवाई अड्डे के निर्माण से सोनपुर क्षेत्र भारत के मानचित्र पर हवाई यातायात के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरने की संभावना रखता है। एक नई उड़ान की तैयारी में सोनपुर, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा क्षेत्र के विकास और रोजगार की दिशा में बड़ा कदम होगा।