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सोनपुर में हरित क्षेत्रीय हवाई अड्डे की रफ्तार तेज: डीपीआर के लिए निविदा जारी, देश के बड़े एयरपोर्ट की ओर कदम

Published: Mon, 16 Feb 2026 11:01 AM (IST)

सारण जिले के सोनपुर में प्रस्तावित हरित क्षेत्रीय हवाई अड्डे के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने हेतु बिहार ...और पढ़ें

परियोजना ने पकड़ी गति, निविदा प्रक्रिया शुरू

परियोजना ने पकड़ी गति, निविदा प्रक्रिया शुरू

HighLights

  1. डीपीआर के लिए निविदा जारी, परियोजना को मिली गति।

  2. देश का पांचवां सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की क्षमता।

  3. 4200 मीटर रनवे, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।

प्रवीण कुमार, छपरा। सारण जिले के सोनपुर में प्रस्तावित हरित क्षेत्रीय हवाई अड्डा परियोजना अब क्रियान्वयन के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है। बिहार सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग ने विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कराने के लिए औपचारिक रूप से निविदा जारी कर दी है। इसे परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। निर्माण पूर्ण होने पर यह देश का पांचवां सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की क्षमता रखेगा और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।


विभाग द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार निविदा प्रपत्र 6 फरवरी 2026 से उपलब्ध हैं। 14 फरवरी को अपराह्न तीन बजे पटना स्थित विभागीय सभागार में पूर्व-निविदा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इच्छुक संस्थाओं को परियोजना से संबंधित तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।

निविदा प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी निर्धारित की गई है। तकनीकी निविदाएं 10 मार्च को खोली जाएंगी तथा 17 मार्च को दोपहर 12 बजे से तकनीकी प्रस्तुति आयोजित होगी।

वित्तीय निविदा की तिथि बाद में घोषित की जाएगी। संपूर्ण प्रक्रिया द्वि-लिफाफा पद्धति के अंतर्गत संचालित होगी, जिसमें पहले तकनीकी योग्यता का मूल्यांकन और उसके बाद पात्र संस्थाओं की वित्तीय निविदा खोली जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित संरचना

विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन में 4200 मीटर लंबे धावन पथ की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इतनी लंबाई बड़े यात्री और मालवाहक विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप यात्री टर्मिनल भवन, माल ढुलाई क्षेत्र, भंडारण परिसर तथा आवश्यक सेवाओं का विकास किया जाएगा। अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन प्रणाली, उन्नत वायु यातायात नियंत्रण व्यवस्था और अत्याधुनिक सुरक्षा निगरानी तंत्र भी परियोजना का हिस्सा होंगे।

भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विस्तार की संभावनाओं को भी योजना में शामिल किया जाएगा।

चौबीसों घंटे विमानों की आवाजाही

प्रस्तावित हवाई अड्डे को इस प्रकार विकसित करने की योजना है कि यहां दिन-रात चौबीसों घंटे विमानों का आवागमन संभव हो सके। इससे बिहार को देश के प्रमुख महानगरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शहरों से सीधी वायु सेवा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

रणनीतिक स्थान का लाभ

यह हवाई अड्डा सोनपुर-छपरा चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के उत्तर तथा गंडक नदी के पश्चिम दरियापुर चंवर क्षेत्र में प्रस्तावित है। पूरब दिशा में सोनपुर-बेतिया मार्ग स्थित है। पटना से संपर्क बेहतर बनाने के लिए समानांतर नए पुलों का निर्माण भी प्रगति पर है। इनके पूरा होने के बाद राजधानी और सोनपुर के बीच दूरी कम समय में तय की जा सकेगी।


पटना स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट का धावन पथ लगभग 2050 मीटर लंबा है और यात्री क्षमता सीमित है। वहीं निर्माणाधीन बिहटा एयरपोर्ट की धावन पथ लंबाई लगभग 2500 मीटर तक ही संभव है।

ऐसे में बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या को देखते हुए बड़े हवाई अड्डे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। सोनपुर परियोजना को इसी दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन

परियोजना के क्रियान्वयन से उत्तर बिहार में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। होटल और अतिथि गृह उद्योग का विस्तार होगा, परिवहन सेवाओं में वृद्धि होगी तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार होने के बाद निर्माण प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रमुख तिथियां (डाटा)

  • निविदा प्रपत्र जारी : 6 फरवरी 2026
  • पूर्व-निविदा बैठक : 14 फरवरी 2026, अपराह्न 3 बजे
  • प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि : 27 फरवरी 2026, अपराह्न 3 बजे तक
  • तकनीकी निविदा खोलना : 10 मार्च 2026
  • तकनीकी प्रस्तुति : 17 मार्च 2026, दोपहर 12 बजे से
  • वित्तीय निविदा : तिथि बाद में घोषित

परियोजना की मुख्य विशेषताएं (डाटा)

  • 4200 मीटर लंबा धावन पथ
  • अंतरराष्ट्रीय मानक का यात्री टर्मिनल भवन
  • मालवाहक विमानों के लिए पृथक सुविधा
  • अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन प्रणाली
  • उन्नत वायु यातायात नियंत्रण व्यवस्था
  • आधुनिक सुरक्षा एवं निगरानी तंत्र
  • भविष्य में विस्तार की योजना