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यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंची सारण की बहू, खराब मौसम में बादलों को चीर 5,643 मीटर पर तिरंगा लहरा मोनी ने रचा इतिहास

Published: Mon, 17 Aug 2026 04:45 PM (IST)Updated: Mon, 17 Aug 2026 05:36 PM (IST)

सारण के इसुआपुर की बहू मोनी कुमारी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (5,643 मीटर) पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचा।

मोनी कुमारी ने तिरंगा फहराकर इतिहास रचा।

मोनी कुमारी ने तिरंगा फहराकर इतिहास रचा।

HighLights

  1. मोनी कुमारी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस फतह की।

  2. 5,643 मीटर की ऊंचाई पर 14 अगस्त को तिरंगा फहराया।

  3. यह उनकी किलिमंजारो के बाद दूसरी अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण उपलब्धि है।

संवाद सूत्र, इसुआपुर (सारण)। इरादे मजबूत हों तो मंजिल कितनी भी ऊंची क्यों न हो, कदम उसे छू ही लेते हैं। सारण के इसुआपुर प्रखंड की बहू और बिहार ग्रामीण बैंक में मैनेजर मोनी कुमारी ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में ऐसी ही मिसाल पेश की है।

उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (5,643 मीटर) का सफल आरोहण कर तिरंगा फहराया।

10 अगस्त से शुरू हुए अभियान में उनका लक्ष्य स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को चोटी पर तिरंगा फहराना था।

हालांकि, मौसम के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्होंने अभियान तेज किया और 14 अगस्त की सुबह ही शिखर पर पहुंचकर तिरंगा लहरा दिया।

बर्फीली हवाओं के बीच बुलंद रहा हौसला

माउंट एल्ब्रुस की चढ़ाई मोनी के लिए आसान नहीं थी। अभियान के दौरान कड़ाके की ठंड, तेज हवाओं, बर्फबारी, कम ऑक्सीजन और बर्फ से ढके दुर्गम रास्तों ने कदम-कदम पर चुनौती पेश की।

इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आत्मविश्वास के साथ शिखर की ओर बढ़ती रहीं।

आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और 5,643 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा लहराने का सपना पूरा हुआ। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ सारण और पूरे बिहार में खुशी का माहौल है।

किलिमंजारो के बाद अब एल्ब्रुस पर परचम

माउंट एल्ब्रुस मोनी कुमारी की दूसरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण उपलब्धि है। इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्होंने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण किया था। वह बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स भी पूरा कर चुकी हैं।

लगातार दूसरी अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल करने वाली मोनी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय पति आशीष कुमार पुंज, माता-पिता और सास-ससुर के निरंतर सहयोग को दिया।

उन्होंने आगे के पर्वतारोहण अभियानों के लिए बिहार सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई।

आरा की बेटी, सारण की बहू और अब पर्वतों की विजेता

मोनी कुमारी मूल रूप से आरा की रहने वाली हैं। उनका ससुराल इसुआपुर प्रखंड के डटरा पुरसौली गांव में है, जहां वह विनोद कुमार सिंह की पुत्रवधू हैं।

बैंकिंग सेवा जैसी जिम्मेदारी निभाने के साथ पर्वतारोहण के क्षेत्र में लगातार उपलब्धियां हासिल करना उनकी लगन को दिखाता है।

मोनी की सफलता सिर्फ एक पर्वत की चोटी तक पहुंचने की कहानी नहीं है। यह बिहार की बेटियों के लिए संदेश है कि सीमाएं परिस्थितियां तय नहीं करतीं, बल्कि हौसला और दृढ़ संकल्प उन्हें पार करने का रास्ता बनाते हैं।