सारण। नगर पंचायत के सरकारी फाइलों पर नजर डाले तो विकास का कार्य यहां प्रगति पर नजर आएगा। क्लीन तथा ग्रीन नगर पंचायत की झलक भी हो रही घोषणा में दिख जाएगी। ऐसा लगेगा कि अब नगर पंचायत स्वर्ग जैसा सुंदर दिखने वाला है। परंतु जैसे ही धरातल पर विकास का हाल जानने मढ़ौरा पहुंचेंगे इसकी स्थिति नरक के समान दिखाई देगी। विकास के मामले में खर्च के मुद्दे पर कोई सानी नही हैं। सफाई पर लाखों रुपये खर्च जो नगर पंचायत के कर्मचारी है उनके वेतन मद में भी कई लाख खर्च होते हैं। एलईडी लाइट, हर घर में शौचालय गरीबों के लिए आवास योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। यह जानकारी आपको नगर पंचायत के फाइलों से ज्ञात होगा।

दैनिक जागरण ने जाना वार्ड संख्या 14 का हाल:

जब नगर पंचायत की हालत की पड़ताल को ले जारी अभियान में दैनिक जागरण प्रतिनिधि द्वारा वार्ड क्षेत्र का दौरा कर हाल जाना गया तो फाइलों में दर्ज विकास की कहानी के विपरित यहां सबकुछ नजर आता है। ऐसा लगा कि कार्यपालक तथा नगर प्रबंधक समेत कुछ खास लोगों की मिली भगत से सरकारी राशि की सिर्फ और सिर्फ लूट की गई हैं। मंगलवार को नगर पंचायत क्षेत्र का हाल जानने के लिए टीम वार्ड संख्या 14 में पहुंचीं। गैस एजेंसी तक जाने वाली सड़क की हालत काफी दयनीय दिखाई दी। हालांकि लगाए गए बोर्ड कार्य का विवरण दिखता है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 5 लाख रुपये का उठाव इस सड़क के निर्माण कार्य के लिए किया गया था। लेकिन लगभग 50 गज लंबाई के बाद आगे सड़क का निर्माण नहीं हो सका। जो कार्य हुआ उसमें भी की गुणवत्ता का हाल यह है कि अभी मुश्किल से दो साल भी नहीं हुआ कि सड़क उखड़ने लगा हैं। इसी वार्ड में कोइरी टोला से मॉर्टन फैक्ट्री जाने वाली सड़क की है । इस सड़क से पश्चिम जाने वाली सड़क का निर्माण तथा पैसे का उठाव सरकारी फाइल में हो चुका है। लेकिन इसपर सिर्फ ब्रिक सो¨लग ही हुआ हैं। खास बात यह कि यह सड़क मढ़ौरा के एसडीओ आवास के द्वार तक आती है। लेकिन अपने आवास के करीब से गुजरने वाली सड़क की दशा देखने एवं इसके जीर्णोद्धार की दिशा में कोई कार्रवाई करने की साहब को फुर्सत नहीं मिल रही।

एसडीओ आवास से शुरू होता है गड्ढों में तब्दील सड़क व ध्वस्त नाला का सिलसिला:

एसडीओ आवास से आगे बढ़ने के बाद मुख्य सड़क की दशा और अधिक खराब होती है जब यह सरकारी अस्पताल के नजदीक सोनार पट्टी पहुंचती है। यहां आने वालों लोगों का स्वागत नगर पंचायत प्रशासन ध्वस्त व बदबूदार नाली तथा पानी भरे गड्ढ़े वाली सड़क से करता है। आस पास के लोगो का कहना था की अभी तो गर्मी का दिन है बरसात शुरू होने वाली हैं। बरसात के दिनों में स्थिति अत्यंत विकट हो जाती हैं। यहां नाले का पानी घर मे प्रवेश करने लगता हैं। सड़क पर चलना भी कठिन हो जाता हैं। आगे बढ़ने पर सब्जी बाजार का क्षेत्र है । यहां सड़ी गली सब्जियों के कचरे से उठने वाली बदबू से आने वाले लोगों का सामना होता हैं। लोगो का कहना था कि जब नगर क्षेत्र में नाला निर्माण से कोई फायदा ही नहीं तो करोड़ो रूपये पानी की तरह बहाने का आखिर औचित्य क्या है। रुपये खर्च कर लोगों के घरों में नाला का पानी नगर पंचायत प्रशासन पहुंचा रहा है। जिससे राहगीरों को परेशानी तो होती ही है। बरसात के दिनों में इस वार्ड में महामारी फैलने के डर से वार्ड वासी सहमे रहते हैं। जान नाला की सफाई नहीं होने से दर्जनों गांव के साथ नगर पंचायत वासियों को होती है परेशानी:

नगर पंचायत क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। नाला के निर्माण के नाम पर कोरम पूरा कर सरकारी राशि की बंदरबांट की गई। काम पूरा नहीं किया गया। सौ सवा सौ गज काम कराने के बाद छोड़ दिया गया। जो लोगो के लिए परेशानी सबब बना हुआ है। नगर पंचायत खुद तो नाला का निर्माण नहीं करा पाया उल्टे अंग्रेजी शासन काल में बने जान नाला को भी बर्बाद कर रहा है। अंग्रेजों द्वारा बनवाए गए इस नाला की उपयोगिता नगर पंचायत क्षेत्र सहित दर्जनों गांव के लोगों के लिए भी है। बड़े बुजुर्गों के अनुसार अंग्रेजी ने पानी के धार व बहाव को ध्यान में रखकर इस नाले का निर्माण इस प्रकार कराया था कि आवश्यकता से अधिक पानी होने पर दर्जनों गांवों से बह कर आए पानी के साथ नगर पंचायत क्षेत्र का पानी डबरा नदी में गिर जाय।

नगरवासियों की सुनें:

फोटो 17 सीपीआर 6

नगर पंचायत में सफाई एजेंसी को डोर टू डोर जाकर कूड़ा उठाना है। परन्तु आज तक ऐसा नहीं हुआ। सिर्फ पैसे की लूट है।वरीय पदाधिकारी को इस पर ध्यान देना चाहिए। इसकी जांच की जानी चाहिए।

सुनीता देवी फोटो 17 सीपीआर 9

यह तो जांच का विषय है कि नाले का निर्माण बिना नक्शा के आखिर किस प्रकार किये गए। कोई भी नाला एक दूसरे से जुड़ा हुए नहीं हैं। जिसके कारण इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही हैं। विभाग को जल्द इसका समाधान करना चाहिए।

आनंद कुमार फोटो 17 सीपीआर 7

सड़क निर्माण के कुछ ही महीने बाद टूटने लगी हैं। जांच कर संबंधित अभियंता पर कार्रवाई होनी चाहिए।

मुकेश कुमार फोटो 17 सीपीआर 8

जिस प्रकार से राशि का उठाव कर आधे अधूरे निर्माण कार्य हुए हैं । जो काम हुआ वह भी सारे मानक को ताक पर रख कर। इसमें रुपये का बंदरबांट हुआ हैं। प्रशासन के वरीय पदाधिकारी को इसकी जांच करनी चाहिए।

अनुज कुमार फोटो 17 सीपीआर 17

सड़क तथा नाले का काम पूर्व कार्यकाल का हैं। जो समस्या है उससे विभाग को अवगत कराकर जल्द समाधान निकाला जाएगा।

जितेंद्र साह, वार्ड पार्षद वर्जन

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बालू की कमी के कारण सड़क निर्माण का काम अधूरा पड़ा हैं। हालांकि काम कब से बंद है एवं टूटी सड़क के सवाल पर मौन धारण कर लिए।

शशि शेखर, अभियंता नगर पंचायत मढ़ौरा

Posted By: Jagran