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कहां कमजोर हैं मैट्रिक के विद्यार्थी, ऑनलाइन टेस्ट से चलेगा पता; बिहार के इस जिले में तैयारी का नया तरीका

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:55 AM (GMT+05:30)

सारण के स्कूलों में मैट्रिक के विद्यार्थी अब हर सप्ताह ऑनलाइन टेस्ट देकर अपनी तैयारी परखेंगे और कमजोरियों को दूर ...और पढ़ें

मैट्र‍िक परीक्षा के ल‍िए सारण में शुरू हुई विशेष व्‍यवस्‍था।

मैट्र‍िक परीक्षा के ल‍िए सारण में शुरू हुई विशेष व्‍यवस्‍था।

जागरण संवाददाता, छपरा। Bihar Board Matric Exam: सारण के स्कूलों में मैट्रिक की तैयारी अब सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यार्थी हर सप्ताह ऑनलाइन टेस्ट से तैयारी परखेंगे और कमजोरियां दूर करेंगे।

सारण गुरु-टेस्ट फैक्ट्री के माध्यम से बोर्ड परीक्षा से पहले अभ्यास, मूल्यांकन और सुधार की नियमित व्यवस्था की जा रही है।

लक्ष्य है कि परीक्षार्थी परीक्षा के प्रारूप से परिचित हों, समय प्रबंधन सीखें और बेहतर परिणाम के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।

हर सप्ताह होगी तैयारी की परीक्षा

अगले वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक सप्ताह ऑनलाइन टेस्ट लिया जा रहा है। इसके लिए विद्यालयों के वाट्सएप समूहों में परीक्षा का लिंक भेजा जाता है।

विद्यार्थी निर्धारित समय में टेस्ट देकर अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं। नियमित अभ्यास से उन्हें प्रश्नों को समझने और तय समय में हल करने की आदत विकसित करने में मदद मिलेगी।

हर विषय के 1500 महत्वपूर्ण प्रश्नों पर जोर

टेस्ट फैक्ट्री के तहत प्रत्येक विषय के लगभग 1500 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQ) का अभ्यास-संग्रह उपलब्ध कराया जाएगा।

विद्यार्थी इनके अभ्यास से विषयवार समझ मजबूत कर सकेंगे। साथ ही सही उत्तर चुनने, प्रश्नों को तेजी से हल करने और सटीकता बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

टेस्ट बताएगा कहां करनी है मेहनत

साप्ताहिक परीक्षा के बाद विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि किस विषय में उनकी तैयारी बेहतर है और किन अध्यायों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

परिणाम के आधार पर कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी तैयारी की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।

बेहतर परिणाम के लिए निगरानी

इस पहल की निगरानी जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण कर रहे हैं। शिक्षा विभाग का जोर विद्यार्थियों को नियमित और योजनाबद्ध अभ्यास से जोड़ने पर है।

लगातार टेस्ट देने से आत्मविश्वास बढ़ाने और परीक्षा के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। समय रहते कमजोर अध्यायों पर काम करने से तैयारी को बेहतर बनाया जा सकेगा। इस पहल से मैट्रिक परीक्षा में सारण के परिणाम में सुधार की उम्मीद है।