खून चाहिए था… सिस्टम कागज मांगता रहा: मरीज की जिंदगी और कागजी प्रक्रिया के बीच कौन जरूरी?
सारण के छपरा सदर अस्पताल ब्लड बैंक में प्रसव के बाद गंभीर मरीज को रक्त मिलने में कागजी प्रक्रिया और ...और पढ़ें

मरीज पहले या कागजी प्रक्रिया?
HighLights
प्रसव के बाद गंभीर महिला को रक्त के लिए भटकना पड़ा।
छपरा सदर अस्पताल में कागजी प्रक्रिया के कारण रक्त मिलने में देरी।
ब्लड सेपरेशन मशीन एक साल से छोटे दरवाजे के कारण बंद पड़ी।
जागरण संवाददाता, छपरा(सारण)। सारण में प्रसव के बाद गंभीर मरीज को रक्त की जरूरत पड़ी तो इलाज से ज्यादा परेशानी रक्त जुटाने में सामने आई। अमनौर हरनारायण गांव की महिला का निजी क्लीनिक में प्रसव हुआ था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने रक्त की जरूरत बताई।
इसके बाद स्वजन अमनौर से छपरा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे। आरोप है कि रक्तदान की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद भी उन्हें समय पर रक्त नहीं मिल सका।
रक्तदान किया, फिर भी कागज की दौड़
स्वजन के अनुसार, ब्लड बैंक में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने रक्तदान भी किया। इसके बावजूद मरीज के लिए रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया।
दोबारा पहुंचने पर दूसरे कागज पर हस्ताक्षर और अतिरिक्त फार्म लाने को कहा गया। मरीज की हालत को लेकर चिंतित स्वजन अस्पताल में इधर-उधर भटकते रहे।
सवाल यह कि मरीज पहले या कागजी प्रक्रिया?
जरूरत के समय रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था कितनी तेज है, यह घटना इस पर सवाल खड़ा करती है। स्वजन का कहना था कि गंभीर मरीज के मामले में प्रक्रिया को जल्द पूरा कर रक्त उपलब्ध कराया जाना चाहिए। बार-बार कागजी कार्रवाई के लिए दौड़ने से इलाज में देरी की आशंका बनी रहती है।
एक साल से मशीन बंद, सुविधा का इंतजार
सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में करीब एक साल पहले ब्लड सेपरेशन मशीन उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अब तक उसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।
इस मशीन से एक यूनिट रक्त से प्लाज्मा और प्लेटलेट्स समेत अलग-अलग रक्त अवयव तैयार किए जा सकते हैं। ऐसे में मशीन का बंद रहना मरीजों के लिए उपलब्ध एक अहम सुविधा के इस्तेमाल पर सवाल खड़ा करता है।
छोटा दरवाजा बना बड़ी मशीन की राह में रोड़ा
बताया जा रहा है कि मशीन लगाने के लिए भवन तो आवंटित कर दिया गया, लेकिन कमरे का दरवाजा छोटा होने से मशीन को अंदर ले जाने और स्थापित करने में परेशानी आ रही है।
करीब एक साल से मशीन के इंस्टालेशन का इंतजार है। अस्पताल के ब्लड बैंक में कई रक्त समूहों का स्टॉक भी सीमित बताया गया है।
अस्पताल का दावा- जल्द शुरू होगा संचालन
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा. केएम दुबे ने बताया कि ब्लड सेपरेशन मशीन के इंस्टालेशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है।
जल्द ही मशीन स्थापित कर दी जाएगी। अब सवाल यह है कि जब मशीन एक साल से अस्पताल में उपलब्ध है तो मरीजों को इसकी सुविधा कब तक मिल पाएगी?
