सारण में टोल टैक्स नाका से बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर तक बनेगा अंबिका पथ, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू
सारण के दिघवारा में मां अंबिका भवानी मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज हो गया है, जिसके लिए सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है।

सारण में स्थित अंबिका भवानी मंदिर। जागरण
HighLights
मां अंबिका भवानी मंदिर कॉरिडोर निर्माण प्रक्रिया हुई तेज।
सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू।
अंबिका पथ हरिहरनाथ कॉरिडोर तक जुड़ेगा, सौंदर्यीकरण होगा।
संवाद सूत्र, दिघवारा। सारण जिले के दिघवारा प्रखंड क्षेत्र के आमी गांव स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां अंबिका भवानी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है।
प्रशासन ने पहले चरण में सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को भी चिह्नित सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा।
सीओ मिठ्ठू प्रसाद ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। कॉरिडोर निर्माण के लिए रैयती (निजी) जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया और अधिग्रहित भूमि को अलग करने का काम चल रहा है।
नए सिरे से नक्शे का काम
कॉरिडोर निर्माण में रैयती जमीन अधिक होने के कारण विभाग नए सिरे से पुनर्नक्शे पर भी काम कर रहा है। मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत पहले चरण में 13.29 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
पर्यटन विभाग की ओर से योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। योजना के तहत मां अंबिका भवानी मंदिर कॉरिडोर को अंबिका पथ के माध्यम से बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।
हरिहरनाथ कॉरिडोर तक होगा निर्माण
फोरलेन स्थित टोल टैक्स नाका के समीप से अंबिका पथ का निर्माण शुरू होगा, जो मंदिर को जोड़ते हुए सीधे बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर तक जाएगा।
योजना के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, नदी घाट का विकास व सौंदर्यीकरण, पार्किंग की व्यवस्था, घेराबंदी सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
