छपरा। नेपाल से छोड़े गए पांच लाख क्यूसेक पानी के कारण सारण जिले के छह प्रखंडों की 29 पंचायतें बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है। इन पंचायतों के करीब 1.40 लाख की आबादी बाढ़ के चपेट में आ गई है। बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में बाढ़ से मरने वालों की संख्या छह है।

गंडक नदी के जल स्तर में उफान आने के कारण जिले के पानापुर, मशरक, तरैयां, परसा, अमनौर एवं दरियापुर प्रखंड के 29 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई है। इन पंचायतों के करीब एक लाख 40 हजार 480 की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है। बाढ़ पीड़ितों के लिए जगह-जगह राहत शिविर खोले गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को बचाने के लिए एनडीआरएफ की तीन टीमें लगाई गई है। गोताखोर को लगाया गया है। बाढ़ पीड़ितों को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में 117 नावों का परिचालन किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 35 सहाय्य कैंप खोले गए हैं। 12 स्वास्थ्य केंद्रों में करीब आठ सौ बाढ़ पीड़ितों का इलाज किया गया है। बाढ़ राहत कैंप में सोमवार तक करीब 25020 लोगों ने भोजन किया है। करीब 13 हजार फूड पैकेटों का वितरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी हरिहर प्रसाद, एडीएम अरूण कुमार, डीडीसी सुनील कुमार के द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य का मॉनीट¨रग की जा रही है। वहीं गंडक, गंगा एवं घाघरा नदी के जल स्तर में कमी होती जा रही है। जिससे प्रशासनिक अधिकारी राहत की सांस ले रहे हैं। आपदा शाखा प्रभारी शिव कुमार पंडित ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है।

Posted By: Jagran