जागरण संवाददाता, छपरा : कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव और संपूर्ण लॉकडाउन आदेश का पालन सुनिश्चित करने में अब मुखिया और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों को जिम्मेवारी दी जा रही है। इसके लिए सभी मुखिया को अपने-अपने पंचायतों में वार्ड सदस्य, पंच सदस्य, आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया है।

राज्य सरकार के मुख्य सचिव के स्तर से प्राप्त निर्देश के आलोक में उन्हें बैठक के दौरान संक्रमित एवं बीमार लोगों पर निगरानी रखने, ऐसा पाए जाने पर निकटवर्ती अधिकारियों को सूचना देकर उन्हें आइसोलेशन वार्ड तक पहुंचाने में सहयोग करने, लॉकडाउन आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आम लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही आसपास के नागरिकों एवं पशुओं के भोजन की व्यवस्था में भूमिका निभाने तथा खाद्य पदार्थों एवं जरूरत के सामान की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

बताया गया कि उन्हें बैठक में लोगो को इस प्रकार बुलाने को कहा गया है कि उन्हें कम से कम एक मीटर की दूरी पर बिठाया जा सके। इस दौरान वार्ड वार जबाबदेही देकर बाहर से जो लोग आए हैं उनके बारे में सूचना प्राप्त करने और सूचना को एक प्रपत्र में प्रखंड को देने को कहा गया है। बताया गया है कि बाहर से आए सभी लोगों को 14 दिन तक सभी से अलग रखना है। इसके लिए उन्हें घर में एक अलग कमरे में रखा जाएगा। साथ ही वैसे लोगों की जरूरत को घर का ही एक सदस्य पूरा करेगा। इस क्रम में पूरी सावधानी बरती जाएगी।

जहां भी ऐसा पाया जाएगा, उस व्यक्ति के घर की दीवार पर पोस्टर लगवा देना है ताकि दूसरे लोग दूरी बनाए रख सकें। बाहर से आए लोगों पर 14 दिनों तक निगरानी रखनी है। अपने पंचायत में तीन दिन माइकिग के माध्यम से जागरूकता का काम करना है। अधिकारियों ने कहा कि महामारी से बचने का एकमात्र रास्ता है, अपने साथ-साथ दूसरों को भी बचाना, अगर हम दूसरों को नही बचा सके तो स्वयं भी बचाना मुश्किल हो जाएगा। सभी मुखिया को कहा गया है कि वह अपने साथ अपने पंचायत के लोगों को बचाने के लिए आगे आएं।

Posted By: Jagran

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