सारण। एक लाख 76 हजार की आबादी वाले क्षेत्र में स्थापित 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मात्र तीन स्थाई चिकित्सक के भरोसे चल रहा हैं। सुविधाएं तो अस्पताल में है परंतु चिकित्सक की काफी कमी हैं।

पड़ताल के दौरान ओपीडी काउंटर पर कुल 41 में से 28 प्रकार की दवाएं पाई गई । जहां डोक्सिसैकलिन एवं पेंटाप्रजोल जैसी आवश्यक दवा उपलब्ध नहीं थी। यहां विडाल, हेपेटाइटिस, थाइराइड जैसे रोगों व अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए रोगियों को खर्च कर निजी संस्थानों में जांच कराना पड़ता है। पड़ताल में शौचालय और बाथरूम का पाइप टूटा हुआ हैं । जिस कारण इलाज कराने पहुंचे रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है ।

एवीएस सहित 28 तरह की दवाइयां पाई गई । जबकि सरकार की ओर से 170 दवाएं उपलब्ध कराई जानी है । एक्सरे मशीन सुसज्जित, ओटी, पैथोलॉजीकल लैब के अलावा नवजात गहन चिकित्सा केंद्र में न्यू बॉर्न क्रिटिकल केयर की हाई टेक व्यवस्था हैं ।इतनी सारी सुविधाओं के बावजूद चिकित्सकों की कमी का खामियाजा रोगी भुगतते हैं। वोल्टेज की कमी से जूझ रहा अस्पताल:

पीएचसी परसा के सुसज्जित भवन में बिजली की लो वोल्टेज के कारण हजारों रूपये प्रतिमाह बिजली बिल भुगतान के बावजूद भी जेनरेटर से काम लेना पड़ता हैं । प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार ¨सह ने बताया कि पूर्णत: वातानुकूलित आपरेशन थियेटर, चिकित्सा प्रभारी का कक्ष व लेबर रुम, एक्सरे के लिए बिजली के लो वोल्टेज के कारण जेनरेटर से काम चलाना पड़ता हैं जिसकी लिखित सूचना जिलाधिकारी व स्वास्थ्य विभाग को दी गई है । अल्ट्रासाउंड जांच के लिए बाहर जाने की विवशता

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परसा में प्रसव पीड़ा, क्रिटिकल महिला मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच हेतु बाजार में जाना पड़ता है । जिससे मरीजों का आर्थिक शोषण होता हैं। जबकि अस्पताल परिसर में मौजूद एक्सरे का बिल 25 माह से बकाया हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल बारह हजार लीटर क्षमता वाली पानी टंकी के साथ साथ मरीजों को पीने के लिए 50 लीटर का आरओ प्लांट लगाया गया है । परसा अस्पताल एक नजर में

अस्पताल की स्थापना - आजादी से पहले

अस्पताल में बेड की संख्या 30

कुल चिकित्सक 7

स्थाई चिकित्सक 3

आयुष चिकितसक 1

आरवीएस 1

दन्त चिकित्सक 1

कुल एएनएम् 30

नियमित 19

संविदा 11

शौचालय महिला 8

पुरुष 8

बाथरूम 8

पानी टंकी 2000 म 6 = 12 हजार लीटर

आरओ - 1 50 (लीटर)

एक्सरे - उपलब्ध

अल्ट्रासाउंड - नही

एम्बुलेंस - 3

स्थायी - 2

सांसद द्वारा प्रदत 1

पारामेडिकल स्टाफ 7

डिस्पेंसर 1

फार्मासिस्ट 1

मेडिसिन 2

बी एच डब्लू 1 लैब टेक्नीशियन 2 मरीजों की सुनें मरीजों की सुनें

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चेतन परसा गांव के भुनेश्वर दास का कहना है कि उपचार के बाद अल्ट्रासॉउंड जांच के लिये बाहर जाना पड़ता हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कम से कम अल्ट्रासाउंड की सुविधा होनी चाहिए। मरीजों को प्राइवेट में पैसा खर्च करना पड़ता हैं।

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परसा मथुरा गांव के अनूप लाल दास का कहना है कि चिकित्सक द्वारा बीमारी की जांच करने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एक भी दवाईयां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं । इसके अलावा सभी जांच बाहर से करवाने के लिए कहा गया।

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पोषक क्षेत्र के परसादी गांव की 75 वर्षीया रामझड़ी देवी का कहना है कि वे हाथ टूटने पर उपचार कराने स्वास्थ्य केंद्र पंहुची थी। जहां ओपीडी में तैनात चिकित्सक ने उपचार किये बगैर निजी क्लीनिक में उपचार कराने के लिये भेज दिया।

Posted By: Jagran

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