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भागलपुर में जांच के बाद नगरा तक पहुंची आंच, छपरा में BRC के अकाउंटेंट की गिरफ्तारी से हड़कंप

Published: Wed, 14 Oct 2026 03:43 PM (IST)

नगरा बीआरसी के अकाउंटेंट राजीव कुमार को छपरा में निगरानी टीम ने शिक्षकों के वेतन भुगतान में कथित गड़बड़ी के ...और पढ़ें

सारण में नगरा बीआरसी का लेखापाल ग‍िरफ्तार। सांकेत‍िक तस्‍वीर

सारण में नगरा बीआरसी का लेखापाल ग‍िरफ्तार। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. नगरा बीआरसी अकाउंटेंट राजीव कुमार गिरफ्तार।

  2. शिक्षकों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी का आरोप।

  3. निगरानी टीम ने छपरा कार्यालय से पकड़ा।

जागरण संवाददाता, छपरा। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के स्थापना संभाग से निगरानी की टीम ने नगरा बीआरसी के अकाउंटेंट राजीव कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

शिक्षकों के वेतन भुगतान में कथित गड़बड़ी के मामले में बुधवार को अकाउंटेट की अरेस्‍ट‍िंग हुई। इस कार्रवाई के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। कर्मियों के बीच गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।

नगरा में गलत भुगतान की जांच

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, राजीव कुमार की गिरफ्तारी वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले में की गई है। बताया जाता है कि भागलपुर में शिक्षकों के गलत वेतन भुगतान की जांच के दौरान नगरा प्रखंड में भी इस तरह की गड़बड़ी का मामला सामने आया था।

इसके बाद निगरानी ने कार्रवाई की। हालांकि, गिरफ्तारी के कारणों और आरोपों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जाता है कि राजीव कुमार 2007 से नगरा प्रखंड के बीआरसी में कार्यरत हैं।

मेकर-चेकर-एप्रूवर की भूमिका की जांच

शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान की प्रक्रिया में मेकर, चेकर और एप्रूवर के स्तर पर संभावित गड़बड़ियों की जांच का निर्देश दिया था।

इसी क्रम में भुगतान की प्रक्रिया और संबंधित कर्मियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। वेतन भुगतान में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए विभाग ने भुगतान से पहले सत्यापन सुनिश्चित करने को भी कहा है।

सत्यापन के कारण वेतन भुगतान प्रभावित

इस प्रकरण के बाद शिक्षकों के वेतन भुगतान से पहले सत्यापन की प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया है। इसके कारण शिक्षकों का वेतन भुगतान भी प्रभावित होने की जानकारी मिली है।

उधर, निगरानी की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल, विभागीय अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।