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Bihar Bhumi: सारण जिले में RTPS सेवाएं धीमी, जमीन संबंधी कामकाज पूरी तरह ठप; BDO को मिला CO का प्रभार

Published: Tue, 31 Mar 2026 01:31 PM (IST)

मशरक अंचल कार्यालय में 9 मार्च से जारी हड़ताल से प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हैं। जमीन संबंधी राजस्व कार्य ...और पढ़ें

सारण जिले में RTPS सेवाएं धीमी, जमीन संबंधी कामकाज पूरी तरह ठप (AI Generated Image)

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संवाद सूत्र, मशरक (सारण)। मशरक अंचल कार्यालय में जारी हड़ताल का असर अब व्यापक रूप से दिखाई देने लगा है। नौ मार्च से शुरू इस हड़ताल के चलते जहां प्रशासनिक कार्य प्रभावित हैं, वहीं आम लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर जमीन से जुड़े राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं, जबकि आरटीपीएस सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित हैं।

अंचल कार्यालय में आरटीपीएस काउंटर पर कामकाज किसी तरह जारी है, लेकिन कर्मचारियों की कमी और समन्वय के अभाव के कारण कार्य की गति काफी धीमी हो गई है। आवासीय, आय एवं जाति प्रमाण पत्र जैसे कार्यों में कोई तकनीकी बाधा नहीं है, इसके बावजूद समय पर निष्पादन नहीं हो पा रहा है।

सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 450 से 500 आवेदन प्राप्त होते हैं, वहीं वर्तमान स्थिति में आवेदन तो आ रहे हैं, लेकिन उनका निपटारा समय पर नहीं हो रहा है। इससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

काउंटर पर तैनात कर्मी सीमित संसाधनों के बीच सेवाएं बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच एग्जिक्यूटिव असिस्टेंट मोहम्मद अब्दुल हुसैन के बीमार होने और डीओ मनोज कुमार के अवकाश पर रहने से कार्य और अधिक प्रभावित हो गया है। कई कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे, जिससे व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

सीओ सुमंत कुमार के हड़ताल पर रहने के कारण अंचल का प्रभार बीडीओ पंकज कुमार को सौंपा गया है। हालांकि, राजस्व मामलों की विस्तृत जानकारी के अभाव में जमीन से जुड़े कार्यों का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। अंचल कर्मियों का कहना है कि राजस्व कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण दाखिल-खारिज, म्यूटेशन और अन्य भूमि संबंधी कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।

बीडीओ पंकज कुमार ने भी स्वीकार किया कि राजस्व कर्मियों की गैरमौजूदगी के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच कामकाज को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन पूरी व्यवस्था सामान्य नहीं हो पा रही है।

इस स्थिति का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। बहुआरा गांव की निशा कुमारी और बलि विशुनपुरा की स्वीटी कुमारी ने बताया कि आय एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं डुमरसन गांव के स्वामीनाथ शर्मा ने बताया कि वे पिछले एक महीने से जमीन संबंधी मामले को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।

लखनपुर गांव के पंकज यादव ने भी दाखिल-खारिज के लिए दो दिनों से लगातार प्रयास करने के बावजूद निराशा हाथ लगने की बात कही। स्थानीय लोगों का कहना है कि हड़ताल की सूचना के बाद से अंचल कार्यालय में लोगों की आवाजाही भी कम हो गई है, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं है कि उनके कार्य समय पर पूरे हो पाएंगे।

कुल मिलाकर, हड़ताल के चलते अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो गई है। जहां आरटीपीएस सेवाएं धीमी गति से चल रही हैं, वहीं जमीन से जुड़े अधिकांश कार्य पूरी तरह ठहर गए हैं।