जागरण संवाददाता, छपरा :

जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कालेजों को प्लान बनाकर जल्द से जल्द अपनी रैंकिंग में सुधार करना होगा। कालेज की साख पर संकट उत्पन्न हो गया है। उसके लिए कालेजों को बड़ा टास्क दिया गया है। एक साल के अंदर कालेज में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ ही आधारभूत संरचना व संगोष्ठी से लेकर सांस्कृतिक गतिविधि को बढ़ाना है। कालेजों के बुनियादी सुविधा को भी बढ़ाने को कहा गया हैं। पिछले दिनों में हुए उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में कुलपतियों को शिक्षण संस्थान की रैंकिग सुधार एवं जिन कालेजों को नैंक से मूल्यांकन नहीं हुआ है, उन्हें जल्द से जल्द मूल्यांकन कराने का निर्देश दिया गया है। जेपी विश्वविद्यालय के पांच कालेजों ने ही अभी तक नैक से मूल्यांकन कराया है। यहां तक कि विश्वविद्यालय का भी नैक से मूल्यांकन नहीं हो सका है। नैक से अच्छे ग्रेड के लिए शिक्षण संस्थानों के इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ही शैक्षणिक गतिविधि को भी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। कालेजों को नैक से मूल्यांकन नहीं होने से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से कालेजों को अनुदान नहीं मिल रहा है। इससे कालेजों को आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है। कालेज प्रशासन राशि के अभाव में चाह कर भी कालेज में सुविधा नहीं बढ़ा पा रहा है। कालेजों में आधारभूत संरचना का घोर अभाव है। उसके लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जिन कालेजों का नैक से मूल्यांकन नहीं हुआ है उसे अविलंब कराने एवं जिनका नैक से रैकिग बढि़या नहीं आया है उसमें सुधार के लिए 2022 तक का लक्ष्य दिया है। जेपी विश्वविद्यालय के कालेजों को अभी तो नैक से मूल्यांकन कराने के लिए बुनियादी सुविधा, क्लास रूम, लैब, पुरस्तकालय, शौचालय आदि की हालत ठीक करनी है। कालेजों को आधारभूत संरचना बढ़ जाएगी तो वह नैक से मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है। वैसे शिक्षा विभाग भी कालेजों को बुनियादी सुविधा बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मांगा है, जिसे देने की तैयारी कालेज प्रशासन को करनी होगी। कालेजों को नैक से मूल्यांकन के बाद अनुदान राशि की कमी नही होगी। उन्हें राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक कालेज के विकास के लिए फंड दे रही है। -------------

संबद्ध कालेजों को भी कराना होगा मूल्यांकन

छपरा : जेपी विश्वविद्यालय के छपरा, सिवान व गोपालगंज के संबद्ध कालेजों को भी नैक से मूल्यांकन कराना होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानक के अनुसार सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक से मूल्यांकन कराना है, लेकिन विश्वविद्यालय के संबद्ध कालेज उसमें रूचि नहीं दिखा रहे है। हालांकि यूजीसी एवं उच्च शिक्षा विभाग हमेशा कालेजों को नैक से मूल्यांकन के लिए दिशा-निर्देश जारी करता है। उसके बाद भी संबद्ध कालेज नैक से मूल्यांकन करने की दिशा में कोई पहल नहीं कर रहे है।

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जेपी विश्वविद्यालय को नैक से मूल्यांकन कराने की दिशा में विवि प्रशासन कार्य कर रहा है। पिछले दिनों बैठक में भी प्राचार्य को अविलंब नैक से मूल्यांकन को ले प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।

प्रो. (डा.) हरिश्चंद्र, जनसंपर्क पदाधिकारी, जेपी विश्वविद्यालय, छपरा। ---------------

- कालेजों को इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने को बनाना होगा प्लान

- अंगीभूत व संबद्ध कालेजों को कराना होगा नैक मूल्यांकन

-जेपी विश्वविद्यालय का भी नैक से नहीं हुआ मूल्यांकन

Edited By: Jagran