जासं, छपरा : मानव शृंखला के दौरान प्रति किलोमीटर पर एक मेडिकल टीम की तैनाती होगी। इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में गुरूवार को कही।

उन्होंने कहा कि माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। सभी सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध करा दी गई है। प्रत्येक किलोमीटर पर मेडिकल टीम को एंबुलेंस व जरूरी दवाओं के साथ तैनात किया जाएगा। सभी को निर्देशित किया गया है कि इस दौरान सभी अपना मोबाइल ऑन रखेंगे। कहीं से भी किसी तरह से कॉल आने पर तुरंत एंबुलेंस वहां पहुंचेगी। मोबाइल टीम का भी गठन किया गया है।

डीएमओ डॉ दिलीप कुमार सिंह ने कहा प्रत्येक 25 से 30 लोगों के बीच में एक आशा, एएनएम या आशा फैसलिटेटर को तैनात किया जाएगा। ड्रेस कोड में रहेंगे सभी कर्मी

डीपीएम अरविंद कुमार ने निर्देश दिया कि इस दौरान सभी चिकित्साकर्मी ड्रेस कोड में रहेंगे। ताकि लोग स्वास्थ्य कर्मियों की पहचान कर सकें। सभी चिकित्साकर्मियों आई कार्ड लगाकर जाने का आदेश दिया गया। अस्पतालों में भी चिकित्सक व कर्मी तैनात रहेंगे।

सभी चिकित्साकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि इस दौरान कहीं भी किसी तरह की घटना होती है तो, इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम में या डीएम-सीएस को दें। बैठक में डीपीसी रमेश चंद्र प्रसाद, डीएमएनई भानू शर्मा, डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार सिंह, हेल्थ मैनेजर राजेश्वर प्रसाद, गौरव कुमार, मनोहर कुमार, प्रिस राज, विनोद कुमार समेत सभी प्रखंडों के बीएचएम शामिल थे। सिविल सर्जन ने चार कर्मचारियों के वेतन पर लगाई रोक

जासं, छपरा : सिविल सर्जन ने तरैया रेफरल अस्पताल के चार कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश गुरुवार को दिया। यह करवाई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुशंसा के आलोक में की गई है।

सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कर्मचारियों की रिपोर्ट भेजी थी। उसमें कहा था कि वे मनमर्जी से कार्यालय पहुंचते हैं। काम को अधूरा छोड़ कर चले जाते हैं। पिछले दिनों सिविल सर्जन तरैया रेफरल अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान भी लिपिक मुकेश कुमार अनुपस्थित पाए गए थे। जब सिविल सर्जन वहां से निकल रहे थे, तब लिपिक पहुंचे। उन्हें सीएस ने हिदायत दी थी। लेकिन लिपिक के कार्यकलापों में कोई सुधार नहीं हुआ है। सिविल सर्जन ने बताया कि सभी से दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण पूछा गया है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लिपिक को निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मियों के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दें। सिविल सर्जन के अनुसार लिपिक मुकेश कुमार 1 से 7 जनवरी तक अनुपस्थित पाए गए हैं। जबकि 15 जनवरी को वाट्सएप पर मंगाई गई उपस्थिति पंजी के अनुसार एक्सरे टेक्नीशियन कुमार शंभू नौ जनवरी से, लैब टेक्नीशियन राहुल रंजन नौ जनवरी से, फार्मासिस्ट सुरेश प्रसाद 8 जनवरी से और लिपिक एक जनवरी से 15 जनवरी तक अनुपस्थित हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण पूछ कर कार्रवाई के लिए मंतव्य के साथ प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है।

Posted By: Jagran

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