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छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच बनेगा 3.86 किमी लंबा पुल, 49 एकड़ जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ; इन इलाकों को होगा फायदा

Published: Sun, 27 Sep 2026 02:17 PM (IST)

सारण के तरैया से मुजफ्फरपुर के पारू तक गंडक नदी पर प्रस्तावित उच्चस्तरीय पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो ...और पढ़ें

छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच बनेगा पुल। सांकेत‍िक तस्‍वीर

छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच बनेगा पुल। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. गंडक नदी पर सारण-मुजफ्फरपुर उच्चस्तरीय पुल निर्माण का रास्ता साफ।

  2. पुल के लिए 49.18 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मिली हरी झंडी।

  3. यह पुल क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

जागरण संवाददाता, छपरा। सारण के तरैया प्रखंड के चंचलिया से गंडक पार मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड स्थित फतेहाबाद तक प्रस्तावित उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के निर्माण की राह में भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है।

जिला भू-अर्जन कार्यालय ने सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) और विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट के आधार पर 49.1802 एकड़ भूमि को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए उपयुक्त मानते हुए अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इस पुल(3.86 किलोमीटर लंबा)के बनने से सारण से मुजफ्फरपुर के बीच आवागमन को वैकल्पिक मार्ग मिलने के साथ आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

तीन मौजों में 49.18 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित

परियोजना के लिए तरैया क्षेत्र के अरदेवा, चंचलिया और शंकरडिह मौजा की भूमि प्रस्तावित है। इनमें अरदेवा में 23.7822 एकड़, चंचलिया में 25.2270 एकड़ और शंकरडिह में 0.1710 एकड़ भूमि शामिल है।

चयनित एजेंसी एलएन मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना ने भूमि अधिग्रहण से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन प्रतिवेदन तैयार किया था।

लोगों ने -खुलेगी विकास की राह

विशेषज्ञ समूह ने 20 अगस्त 2026 को एसआइए प्रतिवेदन का मूल्यांकन कर अपनी अनुशंसा दी। अध्ययन में पाया गया कि परियोजना से होने वाले सामाजिक-आर्थिक लाभ संभावित लागतों से अधिक हैं।

प्रभावित परिवारों के सर्वेक्षण में भूमि के नुकसान के अलावा किसी अन्य सार्वजनिक या आजीविका संबंधी संपत्ति पर विशेष प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया। स्थानीय लोगों ने भी परियोजना का समर्थन किया है।

छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच बनेगा वैकल्पिक मार्ग

उच्चस्तरीय पुल और पहुंच पथ के निर्माण से नदी पार करने में लगने वाला समय, खर्च और जोखिम कम होने की उम्मीद है।

यह मार्ग मुजफ्फरपुर के साथ छपरा, सिवान और गोपालगंज की ओर आवागमन के लिए वैकल्पिक संपर्क भी उपलब्ध कराएगा। इससे व्यापार, स्थानीय उत्पादों के विपणन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

मुआवजे के बाद आगे बढ़ेगा अधिग्रहण

विशेषज्ञ समिति ने परियोजना को लोकहित में आवश्यक बताते हुए सभी भू-धारियों को नई भू-अर्जन नीति के अनुरूप शीघ्र मुआवजा देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अनुशंसा की है।

समाहर्ता-सह-समुचित सरकार ने एसआइए रिपोर्ट के सभी पहलुओं पर विचार के बाद प्रस्तावित 49.1802 एकड़ भूमि को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए उपयुक्त माना है। अब नियमानुसार मुआवजा और अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

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