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सारण के 15 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा! नदियों के तेज बहाव से जर्जर हुए बांध

Published: Tue, 25 Aug 2026 02:29 PM (IST)

दरियापुर में मही, सुखमही और गंडकी नदियों के तटबंध तेज बहाव से जर्जर हो गए हैं, जिससे सरारी से खानपुर तक कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

नदियों के तेज बहाव से जर्जर हुए बांध

नदियों के तेज बहाव से जर्जर हुए बांध

संवाद सूत्र, दरियापुर (सारण)। प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली मही, सुखमही और गंडकी नदियों में तेज बहाव के कारण तटबंधों की स्थिति जर्जर हो गई है। सरारी से खानपुर पुल तक कई स्थानों पर तटबंध में दरार, सुराग और धंसान की स्थिति बनी हुई है। समय रहते मरम्मत नहीं होने पर दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

गंडकी नदी के तटबंध पर जगह-जगह उगे खर-पतवार और वन्य जीवों के कारण सुराग बन गए हैं। तेज बहाव के बीच तटबंध के धंसने और दरार पड़ने से आसपास के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है। 

सरारी और खानपुर के बीच स्थित सुअरा तटबंध पर प्रत्येक वर्ष बाढ़ का खतरा बना रहता है। हालांकि, बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से यहां स्लुइस गेट का निर्माण कराया गया है, लेकिन आसपास तटबंध कई जगह कमजोर होने से खतरा बरकरार है।

मिट्टी भरे बैग डालकर काम पूरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तटबंध से खानपुर, भगवानपुर, अचलपुर, लोहछा-विश्वंभरपुर, बेला, मानुपुर, बनवारीपुर, जलालपुर, जैतीपुर, धर्मागत, मुजौना, सखनौली, धनौती और सुलतानपुर समेत कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा कई स्थानों पर केवल मिट्टी भरे बैग डालकर काम पूरा कर दिया जाता है। खर-पतवार से ढके हिस्सों की नियमित निगरानी भी नहीं होती। 

ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर फसल और आवागमन प्रभावित होता है। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण विभाग से तटबंधों की समय रहते जांच और स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।