छपरा। मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना में शामिल हर घर नल का जल का बंटाधार विभागीय अधिकारियों की उदासीनता व उपेक्षापूर्ण नीति के कारण हो रहा है। आखिर ग्रामीण जलापूर्ति अंतर्गत करोड़ों रुपये खर्च कर जल मीनार का निर्माण कराने एवं पाइप बिछाने के बाद पंचायत के 14 में से महज तीन पंचायतों में जलापूर्ति बहाल की जाए तो इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाहीं नहीं और क्या कहा जाए। मामला सोनपुर प्रखंड के नयागांव पंचायत का है।

ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है। पंचायत के बीडीसी सदस्य रमेश कुमार ने इस बाबत जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया है कि नयागांव पंचायत में निर्मित पानी टंकी की क्षमता 50 हजार गैलन है। जिससे नयागांव पंचायत के सभी वार्ड में पीने के पानी की आपूर्ति आसानी से की जा सकती है। ¨कतु पीएचईडी विभाग के अभियंताओं की लापरवाही का आलम यह कि इस पंचायत के वार्ड संख्या 3, 7, 8, 9,10 में आंशिक रुप से तथा वार्ड संख्या 1,2,5 तथा 6 मे पूर्ण रुप से जलापूर्ति की जा रही है। वहीं वार्ड संख्या 4, 11,12, 13 तथा 14 के लोग आज भी नल के जल का इंतजार कर रहे हैं। वहीं समाजसेवी व प्रबुद्ध लोग पीएचईडी विभाग के अभियंताओं के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। बताया गया कि अप्रैल महीने में जिलाधिकारी से गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दुबारा ग्रामीणों ने बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

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