लहलादपुर। लगातार कार्यालय से गायब रहना और सरकारी मोबाइल बंद रखना बाल विकास परियोजना पदाधिकारी किरण शर्मा को महंगा पड़ा है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने सीडीपीओ के विरूद्घ अनुशासनिक कार्रवाई करने की बात कही है। बताया जाता है कि इसी महीने की चार तारीख को डीएम ने किसी कार्य को ले सीडीपीओ किरण शर्मा से उनके सरकारी मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया था। लेकिन सीडीपीओ का मोबाइल बंद होने के कारण डीएम बात नहीं कर सके। डीएम के आदेश पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने भी लहलादपुर सीडीपीओ से बात करने का प्रयास किया। लेकिन सीडीपीओ से बात नही हो पाई। पदाधिकारियों ने जब खोजबीन की तो पता चला कि सीडीपीओ अक्सर कार्यालय से गायब रहती है।साथ ही उनका सरकारी मोबाइल अक्सर बंद रहता है। जिसके कारण सरकारी कार्य का निष्पादन सही से नहीं हो पा रहा है। सीडीपीओ की इस लापरवाही को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है और अनुशासनिक कार्रवाई करने की बात कही है।

वही एक अन्य मामले में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने भी कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर सीडीपीओ से शोकॉज किया है। मिली जानकारी के अनुसार डीआरडीए के डायरेक्टर सुनील कुमार पांडेय ने 24 अगस्त को लहलादपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय का निरीक्षण किया था । उस वक्त भी सीडीपीओ अपने कार्यालय में नही थी। जांच के क्रम में डीआरडीए के डायरेक्टर को पता चला कि सीडीपीओ सप्ताह में एक या दो दिन ही कुछ घंटों के लिए कार्यालय आती है। वही कार्यालय भी सप्ताह में दो तीन दिन पूर्णत: बंद रहता है । जबकि स्वच्छ भारत मिशन में दयालपुर पंचायत का नोडल पदाधिकारी सीडीपीओ को बनाया गया। जिसमें भी सीडीपीओ द्वारा कोई रूचि नहीं ली जाती है। जिसके कारण दयालपुर पंचायत के स्वच्छ भारत अभियान में कछुए चाल से प्रगति हो रही है। बीडीओ राघवेंद्र कुमार ने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को पत्र के माध्यम इसकी जानकारी दे दी थी।इस मामले को ले जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सीडीपीओ से शोकाज किया है। बता दें कि लहलादपुर के निवर्तमान बीडीओ राजाराम पासवान ने भी जिले के पूर्व जिलाधिकारी हरिहर प्रसाद से सीडीपीओ की कार्य शैली के खिलाफ शिकायत कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की थी।

Posted By: Jagran