संसू, मांझी : यूपी के रास्ते बिहार में प्रवेश करनेवाले लोगों के लिए प्रशासन ने मांझी प्रखंड क्षेत्र में चार आइसोलशन केंद्र बना दिया है। लेकिन सीमावर्ती इलाके लोग सहमे हुए हैं। सर्दी, बुखार व खांसी वाले मरीज को भी देखकर लोग भयभीत होने लगे हैं। जैसे-जैसे समय बीत रहा है लोगों में भय बैठता जा रहा है। इस बीच जिले के आला अधिकारी ने शनिवार की शाम एवं रविवार को दिन में इन आइसोलेशन केंद्रों का जायजा लिया। अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

इसको लेकर डीएम सुब्रत कुमार सेन, एसपी हरकिशोर राय व सदर एसडीओ अभिलाषा शर्मा लगातार दो दिन तक पहुंचकर केंद्र का जायजा लेते रहे। यहां रविवार को पांच सौ से अधिक लोग पहुंचे जिनका प्रारंभिक जांच कर भोजन करवाया गया। दलन सिंह हाईस्कूल, आदर्श मध्य विद्यालय, मध्य विद्यालय डुमरी एवं माधव सिंह इंटर कॉलेज ताजपुर में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। प्रत्येक केंद्र पर 150 व्यक्तियों के रहने की व्यवस्था है। यहां रखे जाने वाले लोगों के बेड के बीच पर्याप्त दूरी रखी गई है। यहां के लोगों के बाहर के लोगों से संपर्क नहीं होने की भी व्यवस्था की जा रही है।

इधर कोरोना वायरस को लेकर लोगों में खौफ देखा जा रहा है। खांसी, सर्दी-जुकाम, बुखार आदि से ग्रसित मरीजों को लोग कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज के रूप में देखने लगे हैं। अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले खांसी, सर्दी-जुकाम, बुखार आदि के मरीजों से लोग दूरी बनाते नजर आए। इलाज करने वाले डॉक्टर भी ऐसे मरीजों को मास्क लगाने की सलाह देते रहे। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लोगों में मास्क खरीदने की होड़ लगी रहने के कारण बाजार से मास्क गायब हो गया है। डॉक्टरों ने लोगों से अचानक बुखार आने, खांसी, दस्त, निमोनिया, उल्टी आदि होने की स्थिति में अविलंब अस्पताल पहुंचकर इलाज कराने की अपील की है। उन्होंने लोगों से भीड़-भाड़ वाले जगह पर जाने से बचने की भी अपील की है।

इनसेट

सरकारी वाहनों से पहुंचाए जाएंगे गृह जिले

जागरण संवाददाता, छपरा : यूपी- बिहार बॉर्डर के रास्ते दिल्ली या अन्य प्रदेशों से आ रहे लोग स्वास्थ्य जांच एवं थर्मल स्क्रीनिग के बाद सरकारी वाहनों से गृह जिले पहुंचाए जाएंगे। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि कैंप में पहुंच रहे लोगों की स्वास्थ्य जांच के बाद रखा गया है। उनके भोजन एवं रहने की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन प्रधान सचिव से मिले निर्देश के अनुसार उनके गृह जिले पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। परिवहन विभाग को इसके लिए वाहनों का इंतजाम करने को कहा गया है।

डीएम ने बताया कि लोगों को उनके जिले में अथवा पंचायतों में खुले स्थान पर उतारने का निर्देश है। ऐसे लोगों को 14 दिनों तक संबंधित पंचायतों के पंचायत भवन, सरकारी विद्यालय या आइसोलेशन सेंटर के रूप में चिन्हित भवनों में रखा जाएगा। इस अवधि में पंचायत स्तर पर इनके रहने, खाने-पीने और आवश्यक दवाओं का इंतजाम किया गया है।

डीएम ने बताया कि प्रधान सचिव से मिले निर्देश के अनुसार अब दूसरे राज्यों से आने या जाने वाले वाहनों को रोका नहीं जाएगा, लेकिन उस पर सवार लोगों की थर्मल स्क्रीनिग कराने के बाद ही सीमा में प्रवेश दिया जाएगा। जिले में इसके लिए जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा अधिकारियों की टीम को लगा दिया गया है।

Posted By: Jagran

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