सारण: गंडकी नदी पर बना डबल डेकर चचरी पुल हुआ जर्जर, 10 वर्षों से पक्के पुल की बाट जोह रहे ग्रामीण
सारण के दरियापुर प्रखंड में गंडकी नदी पर बना डबल डेकर बांस का चचरी पुल जर्जर हो गया है, जिससे ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।

डबल डेकर चचरी पुल हुआ जर्जर
HighLights
दरियापुर में गंडकी नदी पर बांस का पुल जर्जर।
ग्रामीण 10 वर्षों से पक्के पुल की मांग कर रहे।
जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे लोग।
संवाद सूत्र, दरियापुर (सारण)। दरियापुर प्रखंड की अकबरपुर पंचायत में घोरहू-मोहन कोठिया और मानपुर हेमंतपुर के बीच गंडकी नदी पर बना डबल डेकर बांस का चचरी पुल अब जर्जर होने लगा है। ग्रामीण करीब दस वर्षों से इसी पुल के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
पुल की स्थिति खराब होने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पक्का पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
नट-बोल्ट की मदद से डबल डेकर पुल तैयार
ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर आवागमन की सुविधा नहीं होने के कारण मानपुर बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। बच्चों को विद्यालय जाने और लोगों को बाजार पहुंचने में भी परेशानी होती थी।
सरकारी स्तर पर समाधान नहीं निकलने के बाद मुखिया प्रतिनिधि सुभाष पांडेय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से लोहे के 30 फीट लंबे 16 एंगल और नट-बोल्ट की मदद से डबल डेकर पुल तैयार किया था। लोहे की चादर नहीं बिछ पाने के कारण बांस की चचरी का उपयोग किया गया।
10 वर्षों से उनकी मांग पर ध्यान नहीं
नदी में पानी बढ़ने पर ऊपरी हिस्से और जलस्तर घटने पर दोनों हिस्सों का उपयोग किया जाता है। अब पुल के एंगल भी मरम्मत मांग रहे हैं। मुखिया प्रतिनिधि सुभाष पांडेय ने बताया कि कुछ एंगल की मरम्मत आवश्यक है, जिसे तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से पूरा कराया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि 10 वर्षों से उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब जर्जर चचरी पुल की जगह स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
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