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रातभर स्ट्रेचर पर रहा मरीज, सुबह मौत; छपरा सदर अस्पताल में स्वजन ने किया हंगामा, तोड़फोड़

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:36 AM (IST)

सदर अस्पताल, छपरा में एक मरीज की मौत के बाद स्वजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर ...और पढ़ें

सदर अस्पताल में नाराजगी जाहिर करते स्वजन। जागरण

सदर अस्पताल में नाराजगी जाहिर करते स्वजन। जागरण

HighLights

  1. सदर अस्पताल में मरीज की मौत पर स्वजनों का हंगामा।

  2. इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर तोड़फोड़ की गई।

  3. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

जागरण संवाददाता, छपरा। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद मंगलवार की सुबह स्वजनों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर तोड़फोड़ भी शुरू कर दी।

वे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाया। 

सिरदर्द होने पर रंजीत को लाया गया था अस्पताल 

जानकारी के अनुसार जलालपुर थाना क्षेत्र के पीरारी गांव निवासी बनारस पासवान के 40 वर्षीय पुत्र रंजीत पासवान को सोमवार की रात करीब आठ बजे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था।

स्वजन के मुताबिक रंजीत के सिर में तेज दर्द था। हालत बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

रात भर स्ट्रेचर पर रखकर किया इलाज

स्वजन का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज को बेड उपलब्ध नहीं कराया गया और रातभर स्ट्रेचर पर ही रखकर इलाज किया जाता रहा।

उनका कहना है कि मरीज की स्थिति लगातार खराब होती जा रही थी। कई बार चिकित्सक और अस्पतालकर्मियों को इसकी जानकारी देने के बावजूद अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। 

स्वजन ने यह भी आरोप लगाया कि मरीज की हालत बिगड़ने की शिकायत करने पर चिकित्सक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और गाली-गलौज की। 

डॉक्टर ने भी की बदसलूकी 

इसी बीच मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे इलाज के दौरान रंजीत पासवान की मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही स्वजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। 

स्वजन का कहना था कि यदि समय रहते मरीज को समुचित इलाज और सुविधाएं उपलब्ध कराई जातीं तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। वे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। 

हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची। अस्पताल प्रशासन की ओर से इलाज में लापरवाही के आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस की मौजूदगी में स्वजनों को समझाने का प्रयास जारी है। 

बताते चलें कि पिछले करीब आठ घंटे के भीतर सदर अस्पताल में हंगामे की यह दूसरी घटना सामने आई है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।