छपरा में एक बेड पर दो मरीजों के इलाज पर हंगामा, सदर अस्पताल में हथियार लहराने की सूचना से हड़कंप
छपरा सदर अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों के इलाज को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद परिसर में हथियार ...और पढ़ें

सदर अस्पताल छपरा। फाइल फोटो
HighLights
सदर अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों का इलाज।
विवाद बढ़ने पर अस्पताल परिसर में हथियार लहराने की सूचना।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से जांच शुरू की, कार्रवाई होगी।
जागरण संवाददाता, छपरा। सदर अस्पताल में सोमवार की देर रात एक बेड पर दो मरीजों के इलाज को लेकर मरीज के स्वजन और अस्पताल कर्मियों के बीच विवाद हो गया।
देखते ही देखते मामला हंगामे में बदल गया। इसी दौरान अस्पताल परिसर में कुछ लोगों द्वारा हथियार लहराए जाने की सूचना से अफरातफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासन तत्काल सक्रिय हुआ। एएसपी राम पुकार सिंह पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। भगवान बाजार थानाध्यक्ष रंधीर कुमार भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
बताया जाता है कि नगर थाना क्षेत्र के मौना हुस्से मोहल्ला स्थित वार्ड संख्या 44 निवासी मुन्ना राय की पुत्री काजल कुमारी दुर्घटना में घायल हो गई थी। स्वजन उसे सोमवार देर शाम उपचार के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अर्जुन कुमार ने बेड उपलब्ध नहीं होने की बात कही और एक बेड पर दो मरीजों का इलाज किए जाने की जानकारी दी। इस व्यवस्था से नाराज स्वजन अस्पताल में हंगामा करने लगे।
घर से लोगों के पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
हंगामे के बाद स्वजनों ने घटना की जानकारी घर पर दी। इसके बाद कुछ लोग अस्पताल पहुंचे। इसी दौरान उनके द्वारा हथियार लहराए जाने की सूचना सामने आई।
इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके स्वजनों के बीच भय का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
एएसपी राम पुकार सिंह ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है। फुटेज के आधार पर हथियार लेकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों की पहचान की जाएगी। एएसपी ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने सदर अस्पताल में बेड की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों की संख्या के मुकाबले पर्याप्त बेड नहीं होने से गंभीर और दुर्घटना में घायल मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, अस्पताल परिसर में हथियार पहुंचने की सूचना सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनी है।
