छपरा आयोजना क्षेत्र का होगा विस्तार, 445 वर्ग KM तक बढ़ेगी सीमा; शामिल होंगे 227 राजस्व ग्राम
सारण जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार ने छपरा आयोजना क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी दे दी है, जिससे इसका दायरा 101 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 445 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा।

छपरा आयोजना क्षेत्र का होगा विस्तार, 445 वर्ग KM तक बढ़ेगी सीमा (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, छपरा। शहर और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। सारण जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की बैठक में छपरा आयोजना क्षेत्र के विस्तार प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भावी विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में सांसद राजीव प्रताप रुडी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि विधायक छोटी कुमारी, महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता और उप महापौर रागिनी कुमारी उपस्थित रहीं।
इसके अलावा नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी तथा कई प्रखंडों के बीडीओ और अंचलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में अधिसूचित छपरा आयोजना क्षेत्र का दायरा करीब 101 वर्ग किलोमीटर था, लेकिन लगातार बढ़ती आबादी, तेजी से हो रहे शहरीकरण और भविष्य की आधारभूत जरूरतों को देखते हुए इसका विस्तार कर लगभग 445 वर्ग किलोमीटर तक करने का प्रस्ताव तैयार किया गया।
नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजे गए इस प्रस्ताव पर आम लोगों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों के निष्पादन के बाद अब इसे अंतिम स्वीकृति मिल गई है।
प्रस्तावित विस्तारित क्षेत्र में 422.83 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण तथा 22.19 वर्ग किलोमीटर शहरी क्षेत्र शामिल होंगे। इसके तहत छपरा, रिविलगंज, मांझी, गरखा, जलालपुर और नगरा प्रखंड के कुल 227 राजस्व ग्रामों को शामिल किया गया है। वहीं, शहरी क्षेत्र में छपरा नगर निगम और नगर पंचायत रिविलगंज को भी रखा गया है।
बैठक में भविष्य के मास्टर प्लान को लेकर सड़क नेटवर्क, जल निकासी व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्र और समेकित शहरी विकास पर विशेष जोर दिया गया।
प्रस्तावित योजना के तहत आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत एवं परिवहन कारिडोर के लिए अलग-अलग जोन निर्धारित किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्क, खुले क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट हब, स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों के विकास तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार किया जाएगा।
बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद अब प्रस्ताव को पुनः नगर विकास एवं आवास विभाग भेजा जाएगा। विभागीय अनुमोदन के उपरांत विस्तारित आयोजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी होगी।
माना जा रहा है कि इस मास्टर प्लान के लागू होने से छपरा और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी तथा नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
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