छपरा क्लब का होगा कायाकल्प: 7 मंजिला भवन निर्माण की तैयारी तेज, दुकानों के बकाए की जांच के लिए बनेगी कमेटी
छपरा क्लब को आधुनिक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता ...और पढ़ें

छपरा क्लब की बैठक। फोटो जागरण
HighLights
छपरा क्लब में सात मंजिला भवन निर्माण की तैयारी।
निर्माण से पहले नगर निगम से नक्शा पास होगा।
103 दुकानों के किराए और बकाया की होगी जांच।
जागरण संवाददाता, छपरा। छपरा क्लब को आधुनिक स्वरूप देने और सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में छपरा क्लब कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर, सांसद नितेश कुमार के प्रतिनिधि, कार्यकारिणी समिति के सदस्य तथा चयनित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान चयनित एजेंसी द्वारा छपरा क्लब परिसर में प्रस्तावित सात मंजिला भवन निर्माण और अन्य आधुनिक सुविधाओं से जुड़े पारित डिजाइन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
प्रस्तुतीकरण के बाद समिति के सदस्यों के बीच इस योजना को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सदस्यों ने भवन की संरचना, उपयोगिता और क्लब के दीर्घकालीन विकास से संबंधित सुझाव भी रखे।
विचार-विमर्श के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व छपरा नगर निगम से नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या कानूनी बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में छपरा क्लब के अधीन संचालित 103 दुकानों के अद्यतन किराया निर्धारण और बकाया देनदारी के आकलन को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए।
इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो दुकानों का सर्वे कर यह रिपोर्ट देगी कि वर्तमान किराया कितना है और कितनी राशि बकाया है।
इसके साथ ही न्यायालय में लंबित मामलों के प्रभावी निष्पादन के लिए एक सुयोग्य अधिवक्ता की प्रतिनियुक्ति करने का निर्णय लिया गया।
सभी 103 दुकानों का सर्वे कराकर पुनः इकरारनामा कराने तथा आवश्यकता अनुसार पुनः दुकान आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी निर्णयों के समयबद्ध अनुपालन का निर्देश देते हुए कहा कि छपरा क्लब का विकास शहर की पहचान और गरिमा से जुड़ा हुआ है, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
