बिहार के स्कूलों में अब बच्चों की सेहत का भी बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, अभिभावकों का खुलेगा आभा खाता
बिहार के सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों और अभिभावकों के लिए आभा खाते बनाए जाएंगे, जिससे उनके स्वास्थ्य संबंधी अभिलेख डिजिटल रूप से सुरक्षित रखे जा सकें।

बच्चों के सेहत की बनेगी डिजिटल कुंडली।
HighLights
शिक्षण संस्थानों में छात्रों-अभिभावकों के लिए आभा शिविर।
हर विद्यालय में नोडल शिक्षक करेंगे आभा खाता निर्माण।
14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है आभा।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण समेत बिहार के स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सेहत का भी डिजिटल हिसाब तैयार होगा।
प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष शिविर लगाकर विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों का भी आभा खाता बनाया जाएगा।
अभिभावक-शिक्षक बैठक के दिन आभा निर्माण के लिए अलग काउंटर लगाना अनिवार्य होगा। इस पहल से बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी अभिलेख एक डिजिटल पहचान के तहत सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
हर शिक्षण संस्थान में नामित होंगे नोडल शिक्षक
शिक्षा विभाग ने अभियान को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का नोडल शिक्षक बनाने का निर्देश दिया है।
वह विद्यार्थियों के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से आभा खाता बनाने में सहयोग करेंगे। साथ ही खातों के निर्माण और अभियान की प्रगति का ब्योरा भी दर्ज करेंगे।
रूट चार्ट से चलेगा अभियान
बिहार के सभी प्रखंडों में प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के साथ महाविद्यालयों का रूट चार्ट तैयार किया जाएगा।
इसके आधार पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अभियान की कार्ययोजना बनाएंगे। विद्यालय स्तर पर शिविर की सूचना पहले से दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी और अभिभावक इसका लाभ उठा सकें।
एक पहचान में सुरक्षित होंगे स्वास्थ्य अभिलेख
आभा यानी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है। इसके माध्यम से टीकाकरण, स्कूलों में हुई स्वास्थ्य जांच, चिकित्सक की पर्ची, दवाओं का विवरण, खून की जांच, अन्य मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल में इलाज या भर्ती होने से जुड़े अभिलेख डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
जरूरत पड़ने पर व्यक्ति की सहमति से इनका उपयोग किया जा सकेगा। इससे अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान पुरानी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
प्रतिदिन देनी होगी रिपोर्ट
शिविरों में बने आभा खातों की प्रखंडवार दैनिक रिपोर्ट संबंधित प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके आधार पर अभियान की प्रगति की निगरानी होगी।
प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से चलने वाला यह अभियान बच्चों और उनके परिवारों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
