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Asian Games: चिकिता-साहिल ने तीरंदाजी में जीता गोल्ड, ओलंपिक का टिकट पक्का; सारण के हरेश कुमार की कोचिंग का कमाल

Published: Thu, 01 Oct 2026 02:48 PM (IST)

सारण के हरेश कुमार के मार्गदर्शन में भारतीय तीरंदाज साहिल राजेश जाधव और उनकी जोड़ीदार ने एशियन गेम्स 2026 में ...और पढ़ें

साहिल राजेश जाधव

साहिल राजेश जाधव

HighLights

  1. हरेश कुमार के शिष्य ने एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीता।

  2. इस जीत से लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का हुआ।

  3. सारण जिले और बिहार के लिए यह गर्व का क्षण है।

संवादसूत्र, बनियापुर (सारण)। बिहार के सारण जिले के लाल और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के वरिष्ठ तीरंदाजी प्रशिक्षक हरेश कुमार ने अपनी मेहनत, लगन और कुशल प्रशिक्षण के दम पर एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय तीरंदाज साहिल राजेश जाधव और उनकी जोड़ीदार ने एशियन गेम्स 2026 की कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है।

इस उपलब्धि के साथ ही इस जोड़ी ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भारत का टिकट भी पक्का कर लिया है। खिलाड़ी की इस कामयाबी में प्रशिक्षक हरेश कुमार के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण को अहम माना जा रहा है।

कोडराव गांव के रहने वाले हैं हरेश कुमार

हरेश कुमार सारण जिले के मढ़ौरा अनुमंडल अंतर्गत मशरक प्रखंड के कोडराव गांव के निवासी हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण में वरिष्ठ तीरंदाजी प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हरेश कुमार लंबे समय से देश के प्रतिभाशाली तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं।

उनके प्रशिक्षण में कई तीरंदाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। एशियन गेम्स 2026 में उनके शिष्य साहिल राजेश जाधव ने अपनी जोड़ीदार के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।

शिष्य की जीत में प्रशिक्षण और अनुशासन की अहम भूमिका

जापान के आयची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में मिली इस सफलता को भारतीय तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। साहिल की इस कामयाबी के पीछे हरेश कुमार का निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और कठिन परिश्रम भी जुड़ा है।

हरेश कुमार लंबे समय से खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और प्रतियोगिता की तैयारी पर काम कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षण में तैयार हुए खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई है।

सारण से लेकर पूरे बिहार में खुशी

हरेश कुमार की इस उपलब्धि से सारण जिले सहित पूरे बिहार में खुशी की लहर है। गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय तीरंदाज की सफलता में सारण के प्रशिक्षक की भूमिका जिले के लिए गर्व की बात है।

बताते चलें कि हरेश कुमार की बहन अंजली भी तीरंदाजी में राज्य स्तरीय खिलाड़ी रह चुकी हैं और कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। परिवार में तीरंदाजी के प्रति रुचि और खेल से जुड़ाव का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है।