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सारण में पूर्व सैनिक के बेटे ने बढ़ाया मान; IMA से प्रशिक्षण लेकर बने आर्मी ऑफिसर

Published: Wed, 17 Jun 2026 01:40 PM (GMT+05:30)

सारण के अतरसन गांव के अभिषेक कुमार सिंह भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी बन गए हैं। पूर्व सैनिक के बेटे ...और पढ़ें

सैन्‍य अध‍िकारी बने अभ‍िषेक कुमार सिंंह। सौ-स्‍वजन

सैन्‍य अध‍िकारी बने अभ‍िषेक कुमार सिंंह। सौ-स्‍वजन

HighLights

  1. अभिषेक कुमार सिंह भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी बने।

  2. सैनिक स्कूल नालंदा और आईएमए देहरादून से प्रशिक्षण।

  3. पिता पूर्व सैनिक, गांव और क्षेत्र के लिए गर्व।

संवाद सूत्र, रसूलपुर (सारण)। रसूलपुर थाना क्षेत्र के अतरसन गांव के युवा अभिषेक कुमार सिंह ने भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी बनकर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

उनकी इस उपलब्धि से गांव में उत्सव जैसा माहौल है और लोग गर्व के साथ उन्हें बधाई दे रहे हैं। अभिषेक पूर्व सैनिक जितेंद्र कुमार सिंह के पुत्र हैं।

बचपन से ही उनके परिवार में देशभक्ति और सैन्य अनुशासन का माहौल रहा। पिता के सेना में सेवा देने के अनुभव और मार्गदर्शन ने अभिषेक के व्यक्तित्व को आकार दिया तथा उनमें देश की सेवा करने का जज्बा पैदा किया।

पि‍ता को देख सैनिक बनने की प्रेरणा 

इसी प्रेरणा के बल पर उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य निर्धारित किया और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करते रहे।

अभिषेक की प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल, नालंदा में हुई। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और शारीरिक दक्षता पर विशेष ध्यान दिया।

सेना में अधिकारी बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ तैयारी जारी रखी।

उनकी मेहनत तब रंग लाई जब उन्हें इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए), देहरादून में प्रशिक्षण का अवसर मिला। यहां उन्होंने चार वर्षों का कठिन सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।

प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने नेतृत्व, रणनीति, शारीरिक क्षमता और सैन्य कौशल के विभिन्न पहलुओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

13 जून को बने सैन्‍य अधिकारी 

13 जून 2026 को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद अभिषेक भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में शामिल हो गए। इस गौरवपूर्ण क्षण ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया।

अभिषेक की सफलता पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

लोगों ने कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि अतरसन गांव का यह बेटा अब देश की रक्षा की जिम्मेदारी निभाएगा, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान की बात है।

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