जागरण संवाददाता, छपरा : जिले में 70 जगह कंटेनमेंट जोन घोषित हैं। वहीं अवधि पूरी कर लेने वाले 10 कंटेनमेंट जोन को प्रतिबंधों से मुक्त किया जा चुका है। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर अब कंटेनमेंट जोन के दायरे में बदलाव किया गया है, लेकिन इसको लेकर इन इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। अनेक जगहों पर सड़कों को सील किए जाने से इन इलाकों में आवागमन बाधित हैं।

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि जिले में अभी तक 80 कंटेनमेंट जोन निर्धारित किए गए थे। इनमें 28 दिनों की अवधि पूरी कर लेने वाले 10 जगहों को इससे मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब संक्रमित मरीज के मिलने पर उनके ही आवासीय स्थल को कंटेनमेंट जोन बनाने का निर्देश है। इससे अब पूरा गांव प्रभावित नहीं होगा। पहले तीन किलोमीटर का कंटेनमेंट जोन और सात किलोमीटर तक बफर जोन बनाया जा रहा था। फिलहाल 70 जगहों पर कंटेनमेंट जोन लागू है।

इधर, लोगों का कहना है कि अनलॉक घोषित होने के बाद जिले में कछ कंटेनमेंट जोन का कोई मायने नहीं रह गया है। ज्यादातर जगहों पर लोग इसका अनुपालन नहीं कर रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी अब केवल कंटेनमेंट जोन बनाकर छोड़ दिया जा रहा है। इसके लिए प्रावधानों को लागू रखने में लापरवाही दिख रही हैं। आम लोगों में जागरूकता की कमी और इसके प्रति लापरवाही से खतरे की आशंका बढ़ रही है। लगातार मरीजों की संख्या वृद्धि से लोग चितित हैं।

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