समस्तीपुर । किराना व्यवसायी चंद्रभूषण प्रसाद हत्याकांड में गठित एसआइटी ने सोमवार को मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बखरी बुजुर्ग गांव में छापेमारी कर एक किशोर समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बखरी बुजुर्ग गांव के उमेश राय के रूप में की गई है। पकड़े गए आरोपित के पास से तीन कारतूस व एक मोबाइल बरामद हुआ है। मंगलवार को सदर अनुमंडल पुलिस कार्यालय में सदर डीएसपी सेहबान हबीब फखरी ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपित क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे राजेश पाल गिरोह के लिए हथियार रखने का काम कर रहे थे। सोमवार को गुप्त सूचना मिली की मुसरीघरारी थाना कांड संख्या 5/21 में फरार आरोपित चंदन कुमार अपने घर छिपा है। तत्काल एसआइटी के साथ उक्त स्थल पर छापेमारी की गई। इसकी भनक लगते ही आरोपित वहां से फरार हो गया। जब पुलिस टीम द्वारा उसके घर की तलाशी ली गई तो उसके पिता उमेश राय के बिछावन के नीचे से तीन जिदा कारतूस मिले। डीएसपी ने दावा किया कि आरोपित राजेश पाल गिरोह के लिए हथियार रखने का काम कर रहा था। पूछताछ में आरोपित उमेश राय ने बताया कि बरामद कारतूस उसके पुत्र रविरंजन ने दिया था। करीब दस दिन पूर्व ग्रामीण रामभरोस पाल के पुत्र राजेश पाल और योगेन्द्र राय के पुत्र धीरेन्द्र उर्फ गनी राय ने मोबाइल कॉल कर उसके पुत्र रविरंजन को बताया कि पड़ोस के धीरेन्द्र राय के घर के पीछे बगीचे में जलावन के नीचे गडढा में ढंककर एक थैला में तीन पिस्टल व दस कारतूस रखा है। उसे राजेश पाल के शागिर्दों को देने की बात कही। दो दिन बाद एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति आया, उसने सात गोली और पिस्टल ले लिया। जिस दिन अपराधी पिस्टल व कारतूस ले गए, उसी दिन किराना व्यवसायी चंद्रभूषण प्रसाद की गोली मारकर हत्या की गई थी। सदर डीएसपी ने बताया कि हत्याकांड में जल्द ही अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बता दें कि पिछले 27 सितंबर को अपराधियों ने मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के उदापट्टी गांव में किराना व्यवसायी चंद्रभूषण प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें अबतक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि, गिरोह का मास्टरमाइंड राजेश पाल व शूटर अबतक फरार हैं। छापेमारी दल में मुसरीघरारी थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह समेत एसआइटी के सभी सदस्य शामिल रहे।

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